ब्रेकिंग
अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार दुर्ग में 27 लाख की हार्वेस्टर धोखाधड़ी का खुलासा, अधिकृत डीलर गिरफ्तार दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही रू 15 टन से अधिक कोयला जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत निगम का जागरूकता अभियान तेज वॉल पेंटिंग और जनसहभागिता से सुंदर बन ... जिला स्काउट्स एवं गाइड्स ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया हर दीवार दे रही स्वच्छता का संदेश, रंगों में बस रही शहर की नई पहचान,
खेल

रिपोर्टर का चुभता सवाल, भारत-पाक क्रिकेट टकराव पर BCCI ने संभाला मोर्चा

नई दिल्ली। एशिया कप 2025 के लिए भारतीय टीम का ऐलान करने हेतु मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस सामान्य ढंग से चल रही थी। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर और कप्तान सूर्यकुमार यादव पत्रकारों के टीम चयन से जुड़े सवालों के जवाब दे रहे थे। लेकिन कॉन्फ्रेंस के अंत में माहौल अचानक बदल गया, जब एक पत्रकार ने 14 सितंबर को होने वाले भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर सवाल दाग दिया।

पत्रकार ने हालिया राजनीतिक और सैन्य तनाव का हवाला देते हुए पूछा कि टीम इस मैच को लेकर क्या रुख अपनाएगी? सवाल सुनते ही बीसीसीआई के मीडिया मैनेजर तुरंत बीच में आए और पत्रकार को रोकते हुए कहा—
“रुकिए, अभी रुकिए। अगर आपके पास टीम चयन से जुड़ा कोई सवाल है तो आप वही पूछिए।”

इस हस्तक्षेप के बाद अगरकर और यादव को किसी भी संवेदनशील टिप्पणी से बचा लिया गया।

दरअसल, अप्रैल-मई में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले और 7 मई को भारत की ओर से किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। यह मुद्दा संसद में भी गूंज चुका है, लेकिन बीसीसीआई ने अब तक इस पर आधिकारिक रुख स्पष्ट नहीं किया है।

ऐसे में चयन समिति की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सवाल उठना बीसीसीआई के लिए ‘आउट ऑफ सिलेबस’ साबित हुआ। बोर्ड ने तुरंत रक्षात्मक रुख अपनाते हुए इस संवेदनशील मुद्दे को टाल दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button