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छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मचारियों का हड़ताल पांचवे दिन जारी,निकाला संविदा कुप्रथा की विशाल शव यात्रा किया पुतला दहन , प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमित मिरी के साथ हजारों कर्मचारी भी हुए सम्मिलित

दुर्ग | छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 16,000 से अधिक कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों (नियमितीकरण, ग्रेड पे, पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना, लंबित 27% वेतनवृद्धि सहित) को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं,आंदोलन के चलते पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।

दुर्ग जिला अध्यक्ष डॉ आलोक शर्मा ने जानकारी दी कि आंदोलन के 5 वे दिन आज संविदा कुप्रथा का पुतला दहन किया गया एवं शव यात्रा निकाला गया, ज्ञात हो कि कर्मचारियों ने कई बार मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी जायज मांगें रखीं, लेकिन लगातार अनदेखी की गई, यहां तक कि 27% वेतनवृद्धि, मेडिकल अवकाश और ग्रेड पे पर स्वीकृति मिलने के बावजूद आदेश जारी नहीं किए गए, जिससे नाराज़ कर्मचारी अब अनिश्चितकालिन हड़ताल पर हैं।

10 में से 2 मांगो पर आया शासन से आदेश,संघ का फैसला जब तक पूरे मांगो पर आदेश नही आएगा हड़ताल जारी रहेगा ,cr व्यवस्था में सुधार,और 1 महीने के सवैतनिक दुर्घटना/गंभीर बीमारी पर आया आदेश

हड़ताल से प्रभावित सेवाएँ:

  • मरीजों को दवाइयाँ उपलब्ध नहीं
  • नवजात शिशु वार्ड बंद सहित पोषण पूरक केंद्र,डी.ई.आई.सी बंद पड़े हैं
  • शुगर, ब्लड टेस्ट, ट्रूनाट,सीबीनाट से बलगम टेस्ट और नेत्र जाँच बाधित,
  • स्कूल व आंगनबाड़ी स्वास्थ्य परीक्षण पूरी तरह ठप
  • रूटीन टीकाकरण बंद, संस्थागत प्रसव सुविधा बंद हो गया हैं,

टीबी, मलेरिया, कुष्ठ सहित मौसमी सर्दी खासी बुखार,टाइफाइड जैसी बीमारियों के मरीजों को दवाइयाँ नहीं मिल रही
स्वास्थ्य विभाग, सरकार का विभिन्न ऑनलाइन एंट्री पूरी तरह बंद हैं,

सुदूर ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के उप स्वास्थ्य केंद्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहित कई अस्पतालों में अव्यवस्था बढ़ गई है और कई अस्पताल पूरा बंद हैं।
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आगे आंदोलन को और उग्र किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी शासन की होंगी।

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