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छत्तीसगढ़

विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिलाओं को पी.एम. जनमन योजना का मिल रहा लाभ

रायपुर | राज्य सरकार स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोडकर आत्मनिर्भर बनाने सतत प्रयासरत है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति की महिलाएं स्व सहायता समूह से जुड़कर पी.एम. जनमन योजना के तहत आत्मनिर्भर बन रही है।

महिलाएं माहुल पत्ते को मशीनों की सहायता से दोना-पत्तल का निर्माण कर रही हैं जो पर्यावरण के अनुकूल है। यह पहल न केवल उनके लिए सतत् आजीविका का साधन बन रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

जशपुर वनमण्डल के परिक्षेत्र बगीचा अंतर्गत ग्राम कुटमा में पी.एम. जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी पहाड़ी कोरवा जनजाति की महिलाएं स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही है। महिलाओं के लिए दोना-पत्तल निर्माण केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र का संचालन मीनू लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता श्रीमती फूलों बाई कर रही हैं।

इस केन्द्र में समूह की महिलाएं माहुल पत्तों से मशीनों की सहायता से पर्यावरण अनुकूल दोना-पत्तल का निर्माण कर रही हैं। यह पहल न केवल उनके लिए सतत् आजीविका का साधन बनती जा रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

वन विभाग द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा महिलाओं को स्वरोजगार की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है।

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