ब्रेकिंग
टीबी मरीजों के लिए पोषण किट बनी संजीवनी, उपचार में मिल रही नई मजबूती राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के लिए प्रदेश में होगा अलग से संचालनालय का गठन नगरीय निकायों के लिए 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 195 करोड़ जारी बस्तर के युवाओं के लिए सेना में भर्ती का सुनहरा अवसर आंगनबाड़ी केन्द्रों में ‘न्योता भोज’ कार्यक्रम : पोषण, शिक्षा और जनभागीदारी का राज्यव्यापी अभियान मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने की सौजन्य मुलाकात स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्... हवाई कनेक्टिविटी मजबूत: रीवा-रायपुर डायरेक्ट फ्लाइट की शुरुआत आज से स्व-सहायता समूह से बदली जिंदगी, डेयरी और खेती से ‘लखपति दीदी’ बनीं माधुरी जंघेल जल दिवस पर जागरूकता अभियान को लेकर निगम में मंथन, जलकार्य समिति की अहम बैठक संपन्न
छत्तीसगढ़

राज्योत्सव पर रायपुर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, कवि विनोद कुमार शुक्ल और पंडवानी गायिका तीजन बाई के परिजनों से की बात

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचे। आगमन के बाद उन्होंने प्रदेश की प्रसिद्ध विभूतियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले हिंदी साहित्य के वरिष्ठ कवि और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल के परिजनों से फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।

विनोद कुमार शुक्ल के पुत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री को जब उनके पिता के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं कॉल कर हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई के परिजनों से भी फोन पर संवाद किया और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने तीजन बाई के लोककला में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की यह धरोहर देश के लिए गर्व का विषय है।

गौरतलब है कि विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य के शीर्ष कवि और उपन्यासकार हैं। उन्हें 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला है। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ‘नौकर की कमीज़’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’, ‘खिलेगा तो देखेंगे’ और ‘कभी के बाद अभी’ शामिल हैं।

वहीं, तीजन बाई ने अपने अनोखे पंडवानी गायन से न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे विश्व में प्रदेश की पहचान बनाई है। उन्हें पद्म श्री (1987), पद्म भूषण (2003) और पद्म विभूषण (2019) सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button