ब्रेकिंग
जमीन सौदे में बड़ा फर्जीवाड़ा, 25 लाख से अधिक की धोखाधड़ी के आरोप में दो पर FIR विकास कार्यों की सौगात: महापौर ने तीन वार्डों में सड़क, नाली और पुलिया निर्माण कार्यों का किया भूमिप... अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार दुर्ग में 27 लाख की हार्वेस्टर धोखाधड़ी का खुलासा, अधिकृत डीलर गिरफ्तार दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही रू 15 टन से अधिक कोयला जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत निगम का जागरूकता अभियान तेज वॉल पेंटिंग और जनसहभागिता से सुंदर बन ...
छत्तीसगढ़

राज्योत्सव पर रायपुर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, कवि विनोद कुमार शुक्ल और पंडवानी गायिका तीजन बाई के परिजनों से की बात

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचे। आगमन के बाद उन्होंने प्रदेश की प्रसिद्ध विभूतियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले हिंदी साहित्य के वरिष्ठ कवि और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल के परिजनों से फोन पर बातचीत कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की।

विनोद कुमार शुक्ल के पुत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री को जब उनके पिता के अस्वस्थ होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्वयं कॉल कर हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने पद्म विभूषण पंडवानी गायिका तीजन बाई के परिजनों से भी फोन पर संवाद किया और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने तीजन बाई के लोककला में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की यह धरोहर देश के लिए गर्व का विषय है।

गौरतलब है कि विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य के शीर्ष कवि और उपन्यासकार हैं। उन्हें 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला है। उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में ‘नौकर की कमीज़’, ‘दीवार में एक खिड़की रहती थी’, ‘खिलेगा तो देखेंगे’ और ‘कभी के बाद अभी’ शामिल हैं।

वहीं, तीजन बाई ने अपने अनोखे पंडवानी गायन से न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे विश्व में प्रदेश की पहचान बनाई है। उन्हें पद्म श्री (1987), पद्म भूषण (2003) और पद्म विभूषण (2019) सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button