ब्रेकिंग
कर्ज चुकाने के लिए रची ऑनलाइन ठगी की साजिश, घर छोड़ने का झांसा देकर खाते से उड़ाए 45 हजार रुपये; दो ... डबरापारा में धारदार हथियार लेकर लोगों को धमका रहा था युवक, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा महादेव सट्टा ऐप मामले में बड़ा एक्शन! मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान में गिरफ्तार, CBI लेकर पहुंची... बेटे को बिना लाइसेंस बाइक देना पिता को पड़ा भारी, सड़क हादसे में युवक की मौत के बाद पिता-पुत्र दोनों... सेवानिवृत्ति के दिन ही कर्मचारियों को PPO एवं पेंशन संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग:- छत्तीसगढ़... दीपावली से पहले बाजार क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने अभियान दुर्ग में एक करोड़ की चोरी का सनसनीखेज खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्य गिरफ्तार; 47.64 लाख नकद ... अहिवारा विधायक डोमन लाल कोर्शेवाड़ा के निधन पर छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने जताया गहरा शोक, मातृ शक्... जमीन खरीदने के नाम पर लाखों की ठगी, रजिस्ट्री के बाद खुला ऐसा राज कि उड़ गए होश आरोग्य भारती छत्तीसगढ़ में प्रतिमा सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, सरगुजा में हर्ष का माहौल
छत्तीसगढ़

उपार्जन केंद्रों में प्रदेशभर में धान खरीदी सुचारू रूप से जारी

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से जारी है। राज्य के सभी जिलों में खरीदी केंद्रों में किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

प्रदेश के जशपुर जिले में भी धान खरीदी प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है। 3 दिसंबर तक जिले के 46 उपार्जन केंद्रों में कुल 2,628 किसानों से 1,67,246 क्विंटल धान उपार्जित किया जा चुका है। इसके एवज में 39.62 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के बैंक खातों में निरंतर हस्तांतरित की जा रही है।

धान खरीदी कार्य को पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने के लिए उपार्जन केंद्रों में टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण, नमी मापक यंत्र समेत सभी आवश्यक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही पर्याप्त बारदाना, बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी और अन्य आवश्यक प्रबंध भी सुनिश्चित किए गए हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

जिला प्रशासन के निरंतर निरीक्षण और मॉनिटरिंग के कारण धान खरीदी कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो रहा है। निर्धारित तिथि के अनुसार किसान केंद्रों में पहुंचकर अपना धान बेच रहे हैं और समर्थन मूल्य के माध्यम से उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button