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छत्तीसगढ़

किसानों के हितों से खिलवाड़ पड़ा भारी, धान खरीदी में दोषी पाए गए दो पटवारी निलंबित

सक्ती  : सक्ती जिले में धान उपार्जन व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी से जुड़े कार्यों में गंभीर लापरवाही और अनियमितताओं के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर की गई लापरवाही या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे शासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

प्रशासनिक जांच में यह सामने आया कि भोथिया धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी पटवारी विशेश्वर सिंह सिदार ने अपने दायित्वों के निर्वहन में गंभीर चूक की। टोकन सत्यापन से संबंधित समीक्षा बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहना भी उनके खिलाफ अनुशासनहीनता के रूप में दर्ज किया गया, जिसके आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।

इसी तरह मालखरौदा क्षेत्र की सकर्रा और सोनादुला समितियों में नोडल अधिकारी के रूप में पदस्थ हल्का पटवारी शेरसिंह राठिया के खिलाफ भी शासन के निर्देशों की अवहेलना, भौतिक सत्यापन में लापरवाही और टोकन सत्यापन कार्य में गंभीर अनियमितताओं के आरोप प्रमाणित हुए।

जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से साफ संदेश दिया है कि धान उपार्जन जैसी संवेदनशील व्यवस्था में किसी भी प्रकार की ढिलाई किसानों के हितों के खिलाफ मानी जाएगी। कलेक्टर ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी यदि ऐसी गड़बड़ियां सामने आती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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