
दुर्ग : जुझारू आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने जिला महिला एवं बाल विकास विभाग की कुछ नीतियों और सम्मान सुविधा प्रणाली ऐप के कार्यान्वयन के खिलाफ गहरा असंतोष व्यक्त किया है। कार्यकत्रियों ने जिले के कार्यक्रम अधिकारी को पत्र भेजकर तत्काल प्रभाव से ऐप के बहिष्कार और नई मांगों का प्रस्ताव रखा है।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का कहना है कि वर्तमान ऑनलाइन फोटो हाजिरी प्रणाली (समय: 9:30-9:45 AM) पूरी तरह अव्यवहारिक और बोझिल है। उन्होंने इस कदम को दो प्रमुख बिंदुओं से अनुचित बताया है:
- विरोधाभासी नीतियाँ – कार्यकत्रियों का कहना है कि जब वे शासकीयकरण या वेतन वृद्धि की मांग करते हैं, तो इसे केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र का मामला बताकर टाल दिया जाता है। लेकिन सम्मान सुविधा प्रणाली के माध्यम से केवल छत्तीसगढ़ में एकतरफा दबाव बनाया जा रहा है, जो अन्य राज्यों में नहीं है।
- कार्य का दोहराव और संसाधनों की कमी – केंद्र सरकार के पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker) ऐप में पहले ही सभी कार्य दर्ज किए जा रहे हैं। इसके बावजूद राज्य ऐप चलाना कार्यकत्रियों पर अतिरिक्त दबाव डाल रहा है। साथ ही, बिना 5G मोबाइल या डेटा भत्ते के निजी मोबाइल पर ऐप चलाना असंभव और अनुचित है।
आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों ने यह भी कहा कि सुबह का समय बच्चों के स्वागत और प्रार्थना के लिए है, न कि नेटवर्क तलाशने और फोटो खींचने के लिए।
नई मांगें:
- सम्मान ऐप को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।
- दिनांक 20 जनवरी 2026 से सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा।
- मौजूदा निम्न गुणवत्ता वाली साड़ी की जगह शासकीय मोनो युक्त ब्लेजर (Blazer/Coat) उपलब्ध कराया जाए।

कार्यकत्रियों ने प्रशासन और शासन से अपील की है कि उनकी इन मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए और कार्यस्थल पर उचित सुविधा तथा सम्मान सुनिश्चित किया जाए।














