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छत्तीसगढ़

18 महीनों में 60 हजार से अधिक पक्के घरों का सपना हुआ साकार — जनमन और प्रधानमंत्री आवास योजना से बदल रही ग्रामीणों की ज़िंदगी

कबीरधाम। “रोटी, कपड़ा और मकान” हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत होती है, और इसी जरूरत को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत तेजी से घरों का निर्माण किया जा रहा है। बीते 18 महीनों में 60,000 से अधिक आवास स्वीकृत होकर निर्माणाधीन या पूर्ण हो चुके हैं। इन योजनाओं ने हजारों परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का एहसास दिलाया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना: डेढ़ साल में हजारों परिवारों को मिला अपना पक्का घर

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निरंतर प्रयासों से दिसंबर 2023 में जिले के 59,280 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। अब तक 50,559 परिवारों को आवास स्वीकृत हो चुके हैं, जिनमें से 24,320 परिवार अपने नए घरों में बस चुके हैं, जबकि 26,239 घरों का निर्माण कार्य जारी है।
सभी लाभार्थियों को योजना की राशि डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।

ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की रफ्तार भी प्रभावशाली रही है —
खैरबनाकला में 222 में से 179, राजानवागांव में 190 में से 151, केसली में 139 में से 123, डाबरी में 209 में से 172, किसुनगढ़ में 201 में से 170 और हथलेवा में 138 में से 124 घर पूरे हो चुके हैं। इन नए घरों में अब परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन बिता रहे हैं।

जनमन आवास योजना: बैगा परिवारों का ‘मकान सपना’ हुआ साकार

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा का सपना था कि विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों को भी उनका “अपना घर” मिले। इसी सोच के साथ जनमन आवास योजना की शुरुआत की गई। कबीरधाम जिला इस योजना में प्रदेश का अग्रणी जिला बना है।
अब तक 9,625 बैगा परिवारों को ₹2 लाख प्रति परिवार की दर से आवास स्वीकृत हुए हैं। इनमें से 3,513 आवास पूरे हो चुके हैं, और बाकी तेजी से बन रहे हैं।

महात्मा गांधी नरेगा के तहत 95 दिनों का रोजगार भी इन परिवारों को मिला है। साथ ही शौचालय, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड, महतारी वंदन योजना, और उज्ज्वला गैस योजना के लाभ भी दिए जा रहे हैं।

ग्राम पंचायत केसमर्दा में 272 में से 118, ढोलबज्जा में 248 में से 164, लूप में 241 में से 109, तेलियापानी लेदार में 384 में से 84, और अमनिया में 333 में से 85 आवास पूरे हो चुके हैं।

रोज़गार और आजीविका से जुड़ी पहलें भी साथ-साथ

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 90 दिन का रोजगार, और जनमन आवास के तहत 95 दिन का रोजगार हितग्राहियों को दिया जा रहा है, जिससे औसतन ₹24,000 तक की मजदूरी उनके खातों में सीधे पहुंच रही है।
इसके साथ ही आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर, नल-जल योजना से पेयजल, और महतारी वंदन योजना से ₹1000 प्रति माह की सहायता दी जा रही है।

महिला स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा

मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि बिहान महिला समूहों को “डीलर दीदी” के रूप में जोड़ा गया है, जो लाभार्थियों को सस्ते दर पर निर्माण सामग्री उपलब्ध करवा रही हैं। इससे महिला समूहों को नई आजीविका का साधन मिला है।
साथ ही, नरेगा के तहत पशु शेड, कूप, और डाबरी निर्माण जैसे कार्यों से ग्रामीणों की आय बढ़ रही है और सिंचाई व पशुपालन के नए अवसर मिल रहे हैं।

विकास की नई तस्वीर

कबीरधाम जिले में चल रही ये दोनों योजनाएं न सिर्फ घर दे रही हैं, बल्कि रोज़गार, स्वावलंबन, और सम्मानजनक जीवन की नई राह भी खोल रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से अब जिले के हजारों परिवार “कच्चे से पक्के” जीवन की ओर बढ़ चुके हैं।

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