फर्जी रसीद बनाकर गबन, CSVTU का कर्मचारी गिरफ्तार

दुर्ग : छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) भिलाई में पीएचडी शोधार्थियों से फीस के नाम पर की गई बड़ी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। दुर्ग पुलिस ने फर्जी रसीदें जारी कर नकद राशि का गबन करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शिकायत प्राप्त हुई थी कि पीएचडी में पंजीकृत शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क के नाम पर अवैध रूप से नकद राशि वसूली जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय स्तर पर दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसकी प्रारंभिक जांच में कुल 9 लाख 44 हजार 500 रुपये के गबन का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि विश्वविद्यालय की पीएचडी शाखा में पदस्थ कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद ने शोधार्थियों से नकद राशि लेकर उन्हें फर्जी फीस रसीदें जारी कीं और राशि को विश्वविद्यालय खाते में जमा नहीं किया। जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना नेवई में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 062/2026 के तहत संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान आरोप प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी का मेमोरेंडम कथन लिया और फर्जी शुल्क रसीदों सहित संबंधित दस्तावेज जब्त किए। इसके बाद आरोपी को 9 फरवरी 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
आरोपी की पहचान सुनील कुमार प्रसाद (38 वर्ष), निवासी एचएससीएल कॉलोनी, रूआबांधा, थाना नेवई, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। घटना स्थल CSVTU विश्वविद्यालय परिसर, भिलाई बताया गया है।
इस कार्रवाई में थाना नेवई के थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक करन सोनकर एवं आरक्षक रवि बिसाई की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों और शैक्षणिक संस्थानों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या धोखाधड़ी की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।














