ब्रेकिंग
भिलाई में दुर्ग पुलिस का तड़के कॉम्बिंग अभियान, किरायेदारों और संदिग्धों की हुई जांच दुर्ग के बांबे आवास उरला में 19 वर्षीय युवक की हत्या, वारदात के चंद घंटों में आरोपी गिरफ्तार दशहरा विवाद ने लिया हिंसक रूप, युवक पर चाकू से हमला करने वाला बालक गिरफ्तार पुलिस स्मृति दिवस पर प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, पुलिस महानिरीक्... दुर्ग में स्टील प्लांट में दुर्घटना के बाद जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ एफआ... पुलिस स्मृति दिवस पर नवागढ़ थाना प्रभारी टीआई श्री मनीकांत पाण्डेय सहित पुलिस स्टाफ का सम्मान जवाहर नगर में धूमधाम से मना दशहरा उत्सव, महापौर की उपस्थिति में रावण,के पुतले का दहन, दुर्ग में आज होगा ऐतिहासिक महाकन्या भोज, शोभायात्रा के बाद कन्याओं को कराया जाएगा भोज मां चंडिका मंदिर में नवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु प्रेम प्रसंग के विवाद में युवती के मंगेतर पर जानलेवा हमला, मिर्च पाउडर डालकर धारदार हथियार से वार कर...
छत्तीसगढ़रायपुर

CG Budget 2026: भूपेश बघेल ने उठाया कस्टोडियल डेथ का मुद्दा, विजय शर्मा ने दिया जवाब

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2026 के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में कस्टोडियल डेथ के गंभीर मामलों को लेकर गृह मंत्री विजय शर्मा को घेरा। बघेल ने जेलों में हुई अस्वाभाविक मौतों और विशेषकर जीवन ठाकुर के मामले पर सवाल उठाए।

भूपेश बघेल ने उठाए गंभीर सवाल

भूपेश बघेल ने पूछा कि जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच राज्य की जेलों में कितनी अस्वाभाविक मृत्यु हुई हैं और क्या इन मामलों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार न्यायिक जांच पूरी की गई। उन्होंने विशेष रूप से जीवन ठाकुर के मामले को उजागर किया, जो कांकेर जेल में बंद थे और जिनकी मृत्यु रायपुर में हुई। बघेल ने आरोप लगाया कि ठाकुर को फर्जी केस में फंसाया गया, उनकी गंभीर बीमारियों के बावजूद जेल में उचित उपचार नहीं मिला, और परिजनों तथा कांग्रेस विधायकों को उनसे मिलने नहीं दिया गया।

गृह मंत्री विजय शर्मा ने दिया जवाब

गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जीवन ठाकुर को न्यायालय की अनुमति के बाद कांकेर से रायपुर लाया गया था। उन्होंने बताया कि ठाकुर शुगर की बीमारी से पीड़ित थे और अस्पताल में उनका उपचार किया गया, परिजनों को मिलने की अनुमति दी गई और जेल अधीक्षक ने नियमित रूप से न्यायालय को भी स्थिति से अवगत कराया। पंकज साहू की मृत्यु उक्त अवधि से पहले हुई थी, इसलिए उसे संबंधित आंकड़े में शामिल नहीं किया गया।

विधानसभा में विरोध और वॉकआउट

भूपेश बघेल ने मामले की न्यायिक जांच की मांग करते हुए इसे हत्या का मामला करार दिया। इस पर सदन में विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी और कार्यवाही का बहिष्कार (वॉकआउट) किया। इस विवाद ने बजट सत्र का माहौल गरम कर दिया और कस्टोडियल डेथ मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखे टकराव को उजागर किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button