ब्रेकिंग
एकतरफा प्रेम प्रसंग में युवती की हत्या करने वाला आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त ध... कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने स्कूली छात्रों को दिया गुरु मंत्र कहा,अच्छी शिक्षा ही विकसित छत्तीसग... अबूझमाड़ का नया सवेरा: डोंडरीबेड़ा से कटेर की सड़क ने मिटाया दशकों का सन्नाटा रायपुर के पं. जेएनएम मेडिकल कॉलेज में 20 एमबीबीएस सीटें बढ़ीं, कुल संख्या हुई 250 पंचायतों के कार्यों में गुणवत्ता हो सर्वाेच्च प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय दुर्ग शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद हेतु मोहित वालदे ने प्रस्तुत की दावेदारी बेरला में शाला प्रवेश महोत्सव: सांसद विजय बघेल ने नवप्रवेशी बच्चों के साथ किया सहभोज कचहरी वार्ड में 24.98 लाख के आरसीसी नाली एवं पुलिया निर्माण कार्य का हुआ भूमिपूजन, ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर कोलकाता-2026 में छत्तीसगढ़ पर्यटन का दमदार प्रदर्शन, वैश्विक पर्यटन मानचित्र...
छत्तीसगढ़

School Admission Rule: छत्तीसगढ़ में 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं मिलेगा कक्षा-1 में दाखिला

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्राथमिक शिक्षा को अधिक व्यवस्थित और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए पहली कक्षा में प्रवेश के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। स्कूल शिक्षा विभाग के नए निर्देशों के अनुसार अब राज्य के सभी सरकारी, निजी, अनुदान प्राप्त और अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पहली कक्षा में केवल उन्हीं बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा, जिन्होंने निर्धारित तिथि तक 6 वर्ष की आयु पूरी कर ली होगी। इससे कम उम्र के बच्चों को कक्षा-1 में दाखिला नहीं मिलेगा।

स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप लिया गया है। विभाग का मानना है कि छह वर्ष की आयु पूरी करने के बाद ही बच्चे शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक रूप से औपचारिक स्कूली शिक्षा के लिए अधिक तैयार होते हैं। इससे उनकी सीखने की क्षमता बेहतर विकसित होती है और पढ़ाई का अनावश्यक दबाव भी कम रहता है।

नए नियम के लागू होने से पूरे प्रदेश में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए एक समान व्यवस्था लागू होगी। अब किसी भी स्कूल द्वारा अलग-अलग आयु मानदंड अपनाने की गुंजाइश नहीं रहेगी। इससे प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और सभी विद्यालयों में समान नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) तथा सरकारी एवं निजी स्कूलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रवेश प्रक्रिया नए नियमों के तहत ही संचालित की जाएगी।

साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि बच्चों के प्रवेश के समय जन्म प्रमाण पत्र सहित आयु संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि दाखिले की प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

शिक्षाविदों और बाल मनोवैज्ञानिकों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि सही आयु में स्कूली शिक्षा शुरू होने से बच्चों का मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास बेहतर होगा तथा प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button