ब्रेकिंग
शराब के लिए पैसे मांगकर कार सवार का रास्ता रोका, गाली-गलौज करने वाले 4 आरोपियों पर मामला दर्ज रसोई गैस पर बढ़ा बोझ: LPG सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी, उपभोक्ता परेशान दुर्ग में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 15 जुआरी गिरफ्तार; ₹4.34 लाख की संपत्ति जब्त रायपुर में विकास भी, विरोध भी: मिनी बस सेवा शुरू, कांग्रेस करेगी प्रदर्शन शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों की सौगात, महापौर ने किया भूमिपूजन सोशल मीडिया वायरल मारपीट मामले में सुपेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई,1 आरोपी सहित 5 अपचारी बालक गिरफ्तार अवैध शराब बिक्री पर रानीतराई पुलिस की कार्रवाई, 35 पौवा शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार राहगीरों को धारदार हथियार दिखाकर डरा रहा था युवक, वैशाली नगर पुलिस ने किया गिरफ्तार अवैध शराब बिक्री करने वालों के विरुद्ध दुर्ग पुलिस की लगातार कार्यवाही जारी, आरोपी को कुम्हारी पुलिस... देशभर में मानसून की रफ्तार तेज, यूपी-एमपी भीगे; दिल्ली-NCR में मौसम विभाग की चेतावनी
देश

साली से संबंधों के मामले में आरोपी पति को जमानत, बलात्कार का आरोप खारिज

इलाहाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में साली से अवैध संबंधों के मामले में आरोपी पति को जमानत दी है। कोर्ट ने कहा कि भले ही जीजा और साली के बीच का रिश्ता अनैतिक हो, लेकिन अगर महिला वयस्क है और सहमति से संबंध बने हैं, तो इसे बलात्कार नहीं माना जा सकता।

मामला और कोर्ट की सुनवाई

यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस समीर जैन की बेंच के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। आरोपी पति को जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया गया था। आवेदक के वकील ने अदालत को बताया कि यह मामला झूठे आरोपों पर आधारित है। वकील ने कहा कि जीजा और साली के बीच सहमति से संबंध बने थे और जब इसकी जानकारी परिवार को हुई, तो शिकायतकर्ता ने प्राथमिकी दर्ज करवाई।

पीड़िता के बयान पर आधारित निर्णय

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता के बयानों पर ध्यान दिया।

CrPC धारा 161 के तहत दिए गए बयान में पीड़िता ने आरोपों से इनकार किया था।

बाद में CrPC धारा 164 के तहत बयान बदलते हुए अभियोजन पक्ष का समर्थन किया।

सरकारी वकील (AGA) ने भी यह स्वीकार किया कि कथित पीड़िता बालिग है और सहमति को लेकर कोई स्पष्ट प्रमाण रिकॉर्ड पर नहीं है।

कोर्ट का निर्णय

कोर्ट ने माना कि:

दोनों के बीच संबंध अनैतिक हो सकते हैं, लेकिन पीड़िता बालिग है।

पीड़िता के बयान में विरोधाभास था।

आरोपी का आपराधिक इतिहास नहीं है।

इन तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी पति को जमानत देते हुए कहा कि सहमति से बने संबंध को बलात्कार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

फैसले के कानूनी पहलू

यह फैसला सहमति और वयस्कता की कानूनी परिभाषाओं पर आधारित है। हालांकि, यह सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से विवादित हो सकता है, लेकिन कोर्ट ने कानून के दायरे में रहकर फैसला सुनाया।

इस निर्णय से भविष्य में सहमति और अनैतिक संबंधों से जुड़े मामलों में कानूनी दृष्टिकोण स्पष्ट होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button