महान छत्तीसगढ़ी पारिवारिक फिल्म जानकी फिल्म के

निर्माता मोहित साहू की खास एक्सलूसिव रिपोर्टर।
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सबसे पहली फिल्म छत्तीसगढ़ी में कहि देबे संदेश के बाद घर द्वार बनी थी. छत्तीसगढ़ बनने के बाद छइया भुइया के बाद छत्तीसगढ़ में लगातार छत्तीसगढ़ी फिल्म बनना शुरू हुआ. लेकिन पहली बार छत्तीसगढ़ में हिंदी फिल्म निर्माता मोहित साहू ने फिल्म जानकी बनाई. फिल्म जानकी पूरी बनने के बाद 13 जून को यह फिल्म छत्तीसगढ़ के साथ ही पूरे भारत में रिलीज होने वाली थी.

छत्तीसगढ़ की पहली हिंदी फिल्म जानकी: सेंसर ऑफिस ने इस फिल्म को माता सीता से रिलेटेड बताकर सेंसर सर्टिफिकेट नहीं दिया. जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ में बनी यह हिंदी फिल्म छत्तीसगढ़ के साथ ही पूरे भारत में प्रदर्शित नहीं हो पाई. छत्तीसगढ़ की हिंदी फिल्म जानकी के निर्माता स्क्रिप्ट राइटर और एक्शन डिजाइनर से ईटीवी भारत ने खास बातचीत की.
सेंसर ऑफिस नहीं दी रिलीज की इजाजत ।
सवाल: हिंदी फिल्म जानकी आपने जो बनाई है. फिल्म को बनाने में कितना समय लगा और अभी तक जानकी रिलीज क्यों नहीं हो पाई?
जवाब: जानकी फिल्म बनाने में मुझे काफी समय लगा. फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने में 4 से 5 साल का समय लगा. 2 महीने का समय फिल्म की शूटिंग में लग गया. पोस्ट प्रोडक्शन में भी 4 से 5 महीने का समय लगा. फिल्म बड़ा है म्यूजिक है. बीएफएक्स मेरी फिल्म जानकी हिंदी फिल्म 13 जून को छत्तीसगढ़ के साथ ही पूरे देश में रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर ऑफिस ने सेंसर सर्टिफिकेट देने के लिए मना कर दिया.
सवाल: सेंसर बोर्ड में जानकी फिल्म को लेकर किस तरह की आपत्ति लगाई है, जिसके कारण फिल्म रिलीज नहीं हो पाई ?
जवाब: सेंसर बोर्ड के लोगों ने बताया कि हम जानकी फिल्म के नाम से सेंसर सर्टिफिकेट नहीं दे सकते. क्योंकि यह माता सीता से रिलेटेड हो रहा है. मेरे फिल्म में ऐसा कोई दृश्य नहीं है जिससे किसी भी धर्म जाति या समाज को तकलीफ हो.
सवाल: जानकी फिल्म छत्तीसगढ़ के कौन-कौन से लोकेशन पर शूट किया गया है. कितने मेहनत आपने की है ?
जवाब: जानकी फिल्म को छत्तीसगढ़ में शूट किया गया है और कलाकार भी छत्तीसगढ़ के हैं. बलौदा बाजार इलाके में 70% फिल्म की शूटिंग हुई है. बाकी बचे 30% फिल्म की शूटिंग डोंगरगढ़ और रायपुर में की गई है.
सवाल: जानकी फिल्म में एक्शन रोमांस के साथ क्या इस फिल्म में मारधाड़ भी हैं ?
जवाब: जानकी फिल्म पूरी तरह से महिलाओं पर आधारित फिल्म है. उसमें कमर्शियल एक्शन के साथ ही कॉमेडी भी है, जो एक दर्शक को ढाई से 3 घंटे चाहिए होते हैं. इस फिल्म में जो इंटरटेनमेंट और मसाला होता है, वह पूरा है.
सवाल: अभी तक छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ी में फिल्म बनाई जा रही थी लेकिन आपने हिंदी में फिल्म बनाने की कैसे सोची, आपके मन में कैसे ये ख्याल आया ?
जवाब: जब मैं फिल्म की स्टोरी लिख रहा था शुरुआत में तब छत्तीसगढ़ी के हिसाब से लिखना शुरू किया था. जैसे-जैसे समय बढ़ता गया फिर मेरी उम्मीदें बढ़ती गई और मैं इससे भी बेस्ट कर सकता हूं यह सोचकर मैं हिंदी फिल्म बनाया. इसके साथ ही साउथ की बहुत सारी रिजनल फिल्म को देखकर मुझे भी लगा कि हम लोग भी छत्तीसगढ़ की फिल्म को बाहर भारतीय सिनेमा में शामिल करा सकते हैं.
सवाल: आपने जानकी फिल्म क्या सोचकर बनाया, क्या कैरेक्टर हैं, और इस फिल्म में क्या खास है. किस पर फोकस है ?
जवाब: फिल्म जानकी बेसिकली एक महिला की कहानी है. जो मेरी आंखों देखी और सुनी हुई कहानी है. जिससे मैं प्रभावित होकर इस कहानी को लिखा हूं. क्योंकि जब मैं इसके बारे में सुना तो मुझे बहुत तकलीफ हुई कि उनके साथ ऐसा घटनाक्रम हुआ है, तो ऐसे में मन में विचार आया कि मैं इस पर एक अच्छी फिल्म बन सकता हूं. रियल घटना और काल्पनिक घटनाओं को जोड़कर यह फिल्म बनाई है. वास्तव में महिला का जो संघर्ष होता है उसे चीज को दिखाने के लिए फिल्म बनाया है.
सवाल: जानकी फिल्म बनाने में कितनी मेहतन आपको करनी पड़ी. 13 जून को यह फिल्म रिलीज होने वाली थी. किस तरह की समस्या कलाकार और प्रोड्यूसर डायरेक्टर को हो रही है ?
जवाब: कलाकारों की बात तो बाद की है इससे फिल्म के प्रोडक्शन को काफी नुकसान हुआ है. 13 जून को फिल्म रिलीज करने की पूरी तैयारी हो गई थी. पूरे भारत में प्रमोशन से लेकर सभी चीज होर्डिंग वगैरह मुंबई में भी मैं 45 जगह पर फिल्म जानकी की ब्रांडिंग की थी. छत्तीसगढ़ में भी फिल्म जानकी के 25 कट आउट लगाए गए थे.
बैनर पोस्टर और सोशल मीडिया के माध्यम से भी फिल्म का प्रमोशन किया गया था. समय पर सेंसर ऑफिस से अनुमति नहीं मिली. जिसके कारण फिल्म रिलीज नहीं हो पाईं. फिल्म के कलाकार और छत्तीसगढ़ के वासी जो उम्मीद लगा कर रखे थे कि हमारी पहली फिल्म भारतीय फिल्म में शामिल हो रही है, उनके अंदर भी उदासी है.।














