
मुंगेली | मुंगेली पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे अभियान ‘‘पहल’’ के तहत कम उम्र के बच्चों और युवाओं के लिए कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को अवैध सुखा नशा जैसे ब्राउन शुगर, चरस, गांजा और नाइट्रा से दूर रखना और उनके उज्जवल भविष्य के लिए मार्गदर्शन देना था।
कार्यशाला ‘‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’’ के सूत्र पर आधारित थी, जिसका अर्थ है – अंधकार को छोड़कर प्रकाश की ओर बढ़ना। इस कार्यक्रम में युवाओं और उनके अभिभावकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। पुलिस अधीक्षक पटेल ने समझाया कि नशे की लत से स्वास्थ्य बिगड़ता है, युवा पढ़ाई और सामाजिक जीवन से दूर हो जाते हैं, छोटे-छोटे अपराधों में संलिप्त हो जाते हैं और भविष्य प्रभावित होता है।
अधिकारियों ने अभिभावकों को भी बच्चों की देखभाल, दोस्तों का चयन, मोबाइल उपयोग और शाम के समय की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि कोई पालक महसूस करता है कि बच्चा या युवा नशे की गिरफ्त में है, तो पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से नशा मुक्ति केंद्र से सहायता ली जा सकती है।
पुलिस अधीक्षक ने यह भी चेतावनी दी कि जिले में अवैध सुखा नशा का सेवन या व्यापार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस टीम अवैध नशा करने वालों पर सतत नजर रखेगी और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी नशा या मादक पदार्थ की तस्करी की जानकारी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया गया। सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
कार्यशाला में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मयंक तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक नवनीत पाटिल, निरीक्षक प्रसाद सिन्हा, उप निरीक्षक सुशील बंछोर और अन्य पुलिस स्टाफ उपस्थित थे।














