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छत्तीसगढ़

धुएं से मुक्ति और आहार से बच्चो को मिल रही शक्ति

कोरबा |  छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में अब बच्चों को गरमागरम नाश्ता और पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश और मंत्री लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में कलेक्टर अजीत वसंत ने यह व्यवस्था लागू की है। डीएमएफ से की गई इस पहल से न केवल बच्चों को समय पर नाश्ता और भोजन मिल रहा है, बल्कि गैस सिलेण्डर की सुविधा से खाना पकाने में धुएं से होने वाली परेशानी भी खत्म हो गई है।

खुश हुए विद्यार्थी और रसोइए
अब तक चूल्हे के धुएं में खाना पकाने वाली रसोइयों को बड़ी राहत मिली है। वहीं बच्चों को खीर, पूड़ी, हलवा, खिचड़ी, पोहा, भजिया और सेवइयां जैसे अलग-अलग दिनों के मेनू से पौष्टिक आहार मिल रहा है। विद्यार्थी नाश्ते के लिए उत्साहित रहते हैं और समय पर स्कूल पहुंचने लगे हैं।

पहाड़ी कोरवा बच्चों तक भी पहुंचा लाभ
पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के धोबघाट और लामपहाड़ जैसे दूरस्थ गांवों में रहने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति समाज के बच्चे भी इस पहल से लाभान्वित हो रहे हैं। पहले जंगल चले जाने वाले कई बच्चे अब सुबह नाश्ते के लिए समय से आंगनबाड़ी और स्कूल पहुंचते हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं के अनुसार यह आहार उनके शारीरिक विकास के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।

माता-पिता और शिक्षकों की राय
गांव पंडोपारा की पूजा पंडों ने बताया कि उनके बच्चे पहले स्कूल जाने से कतराते थे, लेकिन अब नाश्ता और भोजन की वजह से वे नियमित विद्यालय जाते हैं। शिक्षकों ने भी माना कि गैस चूल्हे की व्यवस्था से भोजन जल्दी और साफ-सुथरे ढंग से तैयार हो पा रहा है।

सवा दो लाख बच्चे हो रहे लाभान्वित
इस योजना का शुभारंभ पिछले वर्ष 14 अगस्त 2024 को कोरबा ब्लॉक के शहरी क्षेत्रों से हुआ था। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसे पूरे जिले में लागू किया गया। आज जिले की 2,602 आंगनबाड़ी और 2,039 प्राथमिक व मिडिल स्कूलों में पंजीकृत लगभग सवा दो लाख बच्चे नियमित नाश्ता और मध्यान्ह भोजन से लाभान्वित हो रहे हैं।

कलेक्टर ने दिए विशेष निर्देश
कलेक्टर अजीत वसंत ने सभी स्कूलों में नाश्ते का मेनू स्थानीय उपलब्धता और विद्यार्थियों की पसंद के अनुरूप तय करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रतिमाह गैस रिफिलिंग की व्यवस्था भी डीएमएफ से सुनिश्चित की गई है।

 

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