ब्रेकिंग
भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ जिला पंचायत दुर्ग के सभाकक्ष में आयोजित बैठक एवं नवनियुक्त पदाधिकारियों के स्वागत का विहंगम दृश्य पुलिस द्वारा बड़ी सफलता: गुप्त चेंबर बने पिकअप वाहन से 4 करोड़ रुपये की अवैध नकदी बरामद, भिलाई में दुर्ग पुलिस का तड़के कॉम्बिंग अभियान, किरायेदारों और संदिग्धों की हुई जांच दुर्ग के बांबे आवास उरला में 19 वर्षीय युवक की हत्या, वारदात के चंद घंटों में आरोपी गिरफ्तार दशहरा विवाद ने लिया हिंसक रूप, युवक पर चाकू से हमला करने वाला बालक गिरफ्तार पुलिस स्मृति दिवस पर प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, पुलिस महानिरीक्... दुर्ग में स्टील प्लांट में दुर्घटना के बाद जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ एफआ... पुलिस स्मृति दिवस पर नवागढ़ थाना प्रभारी टीआई श्री मनीकांत पाण्डेय सहित पुलिस स्टाफ का सम्मान जवाहर नगर में धूमधाम से मना दशहरा उत्सव, महापौर की उपस्थिति में रावण,के पुतले का दहन,
देश

सरकार ने पेश किया नया प्रस्ताव: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध

नई दिल्ली। बच्चों में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की लत एक आम समस्या बन चुकी है। मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल के कारण न केवल उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि शारीरिक गतिविधियों में भी कमी आ रही है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और संचार मंत्री मिशेल रोलैंड ने गुरुवार को घोषणा कर दी हैं। वहीं यह कदम बच्चों को सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।

बच्चों के लिए सुरक्षा और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा कि सोशल मीडिया के उपयोग से बच्चों पर मानसिक और सामाजिक प्रभाव पड़ सकता है, और इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सरकार इस दिशा में कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि बच्चों को सोशल मीडिया के संभावित नुकसान से बचाया जा सके। ऑस्ट्रेलिया सरकार का यह प्रस्तावित कानून दुनिया में अपनी तरह का पहला कानून होगा, जो सोशल मीडिया एक्सेस पर आयु सीमा निर्धारित करेगा।

ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर जुर्माना और कानून का कार्यान्वयन

सरकार की योजना के अनुसार, यदि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बच्चों के लिए एक्सेस को प्रतिबंधित करने में विफल रहते हैं, तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों या उनके अभिभावकों पर कोई जुर्माना या कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह कानून संसद में पारित होने के 12 महीने बाद लागू होगा, और इसे सुरक्षा आयुक्त के कार्यालय द्वारा लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, “यह एक अग्रणी कानून है और हम इसे सही तरीके से लागू करने के लिए प्रयासरत हैं। इसमें कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए अपवाद और छूट भी दी जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि इसका अनपेक्षित असर न हो।”

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button