सौरभ हत्याकांड में मुस्कान-साहिल को मौत की सजा, फैसला सुनते ही रो पड़े दोनों; जानें कब क्या हुआ

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई। दोनों को मुस्कान के पति और मर्चेंट नेवी में काम कर चुके सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया। इस फैसले के बाद एक बार फिर इस सनसनीखेज हत्याकांड की चर्चा तेज हो गई है। सौरभ की हत्या के बाद उनके शव के टुकड़ों को नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखकर सीमेंट से छिपाने का आरोप था। मामले की जांच से लेकर अदालत के फैसले तक कई ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिन्होंने पूरे देश का ध्यान खींचा।
2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की शादी
सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी ने वर्ष 2016 में प्रेम विवाह किया था। दोनों की एक बेटी भी थी। सौरभ मर्चेंट नेवी में काम करते थे और नौकरी के सिलसिले में लंदन में रहते थे। बाद में मुस्कान के साहिल शुक्ला के साथ प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। पुलिस जांच में इस संबंध को हत्या की साजिश से जोड़कर देखा गया।
24 फरवरी 2025: लंदन से मेरठ लौटे सौरभ
सौरभ राजपूत 24 फरवरी 2025 को लंदन से मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित इंद्रानगर में अपने घर लौटे थे। वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए भारत आए थे। घर लौटने के कुछ ही दिनों बाद उनकी हत्या कर दी गई।
25 फरवरी 2025: मुस्कान का जन्मदिन मनाया गया
सौरभ के घर लौटने के अगले दिन मुस्कान रस्तोगी का जन्मदिन मनाया गया। उस समय परिवार में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन कुछ दिनों बाद यही परिवार एक सनसनीखेज हत्याकांड के कारण सुर्खियों में आ गया।
28 फरवरी 2025: बेटी का जन्मदिन मनाया
28 फरवरी को सौरभ और मुस्कान की बेटी पीहू का जन्मदिन मनाया गया। इसके कुछ ही दिन बाद सौरभ की हत्या की वारदात हुई। परिवार में हुए इन आयोजनों के बाद घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने सभी को हैरान कर दिया।
3 मार्च 2025: सौरभ राजपूत की हत्या
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने मिलकर सौरभ की हत्या की साजिश रची थी। आरोप था कि सौरभ को बेहोश करने के बाद उन पर चाकू से हमला किया गया। इस वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।
शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाने का आरोप
जांच से जुड़े विवरणों के मुताबिक, सौरभ के शव के टुकड़े कर उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखा गया। इसके बाद ड्रम में सीमेंट और रेत भरकर शव को छिपाने की कोशिश की गई। इसी तरीके के कारण यह मामला नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित हुआ।
मार्च 2025: हिमाचल प्रदेश घूमने गए मुस्कान और साहिल
मामले से जुड़े घटनाक्रम के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। उनकी यात्रा भी जांच के दौरान चर्चा में रही। पुलिस ने मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच करते हुए आरोपियों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला।
18 मार्च 2025: हत्याकांड का खुलासा
सौरभ के लापता होने और घर से दुर्गंध आने की सूचना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इसी दौरान नीले ड्रम से शव के टुकड़े बरामद होने के बाद हत्या का खुलासा हुआ। सौरभ के परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की।
मार्च 2025: मुस्कान और साहिल गिरफ्तार
पुलिस ने मामले की जांच के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने समेत अन्य आरोपों से जुड़े सबूत जुटाए।
मई 2025: अदालत में दाखिल हुई चार्जशीट
मामले में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप शामिल बताए गए। आरोपपत्र के बाद अदालत में मुकदमे की सुनवाई का रास्ता आगे बढ़ा।
जुलाई 2025: मुकदमे की सुनवाई शुरू
मेरठ की अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य और गवाह पेश किए। सुनवाई के दौरान हत्या की परिस्थितियों, शव को छिपाने के तरीके और आरोपियों की कथित भूमिका से जुड़े पहलुओं पर विचार किया गया।
नवंबर 2025: मुस्कान ने दूसरी बेटी को जन्म दिया
मीडिया में सामने आई जानकारी के अनुसार, न्यायिक हिरासत में रहते हुए मुस्कान रस्तोगी ने नवंबर 2025 में दूसरी बेटी को जन्म दिया। उस समय सौरभ हत्याकांड का मुकदमा अदालत में विचाराधीन था।
21 अप्रैल 2026: आरोपियों के बयान दर्ज
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत ने आपराधिक प्रक्रिया से संबंधित प्रावधानों के तहत आरोपियों के बयान दर्ज किए। उनसे अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के बारे में सवाल पूछे गए। उपलब्ध विवरणों के अनुसार, दोनों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया था।
17 सितंबर 2026: अंतिम बहस पूरी
मामले में अंतिम बहस पूरी होने की जानकारी सामने आई। अभियोजन पक्ष ने पेश किए गए साक्ष्यों और वारदात की गंभीरता का हवाला देते हुए दोनों आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की। इसके बाद अदालत के फैसले पर सबकी नजरें टिकी थीं।
30 सितंबर 2026: मुस्कान और साहिल दोषी करार
मेरठ की जिला अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। अदालत ने सजा सुनाने के लिए 14 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की थी।
14 अक्टूबर 2026: दोनों को मृत्युदंड
मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों के भावुक होने की खबर सामने आई। अदालत में सौरभ के परिजन भी मौजूद थे। फैसले के बाद परिवार ने संतुष्टि जताई।
बताया गया कि मुकदमे के दौरान 126 सुनवाइयां हुईं और अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई।
मौत की सजा के बाद क्या होगी आगे की प्रक्रिया?
अदालत से मृत्युदंड मिलने का अर्थ यह नहीं है कि दोषियों को तुरंत फांसी दे दी जाएगी। भारतीय कानून के तहत सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई मौत की सजा की संबंधित हाई कोर्ट से पुष्टि होना जरूरी है। इसके बाद दोषियों के पास सुप्रीम कोर्ट में अपील और कानून के तहत अन्य न्यायिक विकल्पों का अधिकार भी होता है। दया याचिका जैसे विकल्प भी उपलब्ध हो सकते हैं।
इसलिए मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद भी आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। अंतिम रूप से सजा पर अमल कानून में निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार ही किया जा सकता है।
देशभर में चर्चा का विषय बना हत्याकांड
सौरभ राजपूत की हत्या और शव को नीले ड्रम में छिपाने के मामले ने देशभर में लोगों को झकझोर दिया था। हत्या के बाद मुस्कान और साहिल की हिमाचल यात्रा से जुड़े घटनाक्रम ने भी मामले को चर्चा में बनाए रखा। पुलिस की जांच, अदालत में पेश किए गए साक्ष्य और लंबी सुनवाई के बाद आया फैसला इस मामले का महत्वपूर्ण पड़ाव है। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद भी कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण बाकी हैं।

















