ईरान की खुली चेतावनी: नहीं झुकेंगे दबाव में, परमाणु कार्यक्रम और तेज़ करेंगे

तेहरान/नई दिल्ली। अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बावजूद ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान जारी कर कहा है कि गंभीर क्षति के बावजूद ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम (यूरेनियम एनरिचमेंट प्रोग्राम) बंद नहीं करेगा।
अराघची ने बताया कि अमेरिकी हमले में परमाणु ठिकानों को भारी नुकसान हुआ है, इसी कारण फिलहाल यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोकी गई है। लेकिन उन्होंने दो टूक कहा,
“हम यह कार्यक्रम नहीं छोड़ सकते। यह हमारे वैज्ञानिकों की मेहनत और देश का गौरव है।”
मिसाइल कार्यक्रम भी रहेगा जारी
अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान न केवल परमाणु तकनीक में आगे बढ़ेगा, बल्कि मिसाइल निर्माण और विकास भी पहले की तरह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और सामरिक मजबूती के लिए यह बेहद आवश्यक है।
कूटनीतिक वार्ता को तैयार, पर अमेरिका से सीधे नहीं
ईरान अब इस्तांबुल में जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के साथ परमाणु मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हो रहा है। हालांकि अमेरिका के साथ बातचीत के सवाल पर अराघची ने कहा:
“हम बातचीत के लिए तैयार हैं लेकिन फिलहाल अमेरिका से सीधे नहीं। अगर अमेरिका अपने प्रतिबंध हटाता है, तो हम यह साबित करने को तैयार हैं कि हमारा परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है।”
इजरायल-अमेरिका के हमलों से नहीं डिगा आत्मविश्वास
गौरतलब है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बाधित करने के उद्देश्य से अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बावजूद ईरान की यह प्रतिक्रिया बताती है कि वह अपने रणनीतिक कार्यक्रमों से पलटने के मूड में नहीं है।














