ब्रेकिंग
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ का जिला अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक मार्च, मांगों को लेकर सरकार के नाम सौंपा ज्ञ... साड़ी की जिद बनी मौत की वजह! पत्नी ने पति को उतारा मौत के घाट CM साय से लघु उद्योग भारती की मुलाकात, इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई अहम चर्चा Sai Cabinet Meeting Today: आज साय सरकार ले सकती है बड़े फैसले, किसानों के लिए हो सकता है बड़ा ऐलान लोक कर्म विभाग की समीक्षा बैठक में विकास कार्यों की प्रगति पर सख्त नजर, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करन... भव्य सावन मेले की तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, सांस्कृतिक समिति की बैठक में बनी कार्ययोजना, छत्तीसगढ़ में मेहरबान हुआ मानसून, रायपुर समेत कई जिलों में बारिश; मौसम विभाग का ऑरेंज-येलो अलर्ट दुर्ग में अंधे कत्ल का खुलासा: महिला की हत्या के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, दुष्कर्म की कोशिश नाकाम... सी.जी. सुपरफास्ट न्यूज़ के संपादक सुरेश गुप्ता ने उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को दी जन्मदिन की शुभकामना... राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 का भव्य आयोजन, नए शिक्षा सत्र का हुआ शुभारंभ
छत्तीसगढ़

सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” एवं अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस कार्यक्रम

दुर्ग/ दुर्ग/भिलाई। नगर पालिक निगम सीमा क्षेत्र अंतर्गत आज सुबह “सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा” विषयक संभाग स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का भव्य आयोजन एस.एन.जी. विद्या भवन, सेक्टर-4, भिलाई में किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिक निगम की विधायक ललित चंद्राकर एवं महापौर  अलका बाघमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।इस अवसर एमआईसी सदस्य शेखर चंद्राकर, रंजीता पाटिल,ब्रांड एंबेसडर विश्वनाथ पनिग्रही, सहित यातायात अधिकारीगण मौजूद रहे।

विधायक ललित चंद्राकर की सीख

ग्रामीण विधायक  ललित चंद्राकर ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा शिक्षा ही व्यक्ति को सही और गलत की पहचान कराती है। सड़क पर अनुशासन और जीवन में अनुशासन, दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं। पढ़ाई के साथ-साथ यदि हम नियमों का पालन करेंगे तो समाज और राष्ट्र दोनों का विकास सुनिश्चित होगा।”

महापौर अलका बाघमार का संबोधन

महापौर  बाघमार ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा से सीधे जुड़ा विषय है। हर साल हजारों लोग सिर्फ लापरवाही और नियम तोड़ने की वजह से अपनी जान गंवाते हैं। यदि हम हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक सिग्नल जैसे छोटे-छोटे नियमों का पालन करें, तो कई परिवारों को अपूरणीय क्षति से बचाया जा सकता है।”उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थियों को अपने परिवार और समाज में सड़क सुरक्षा की जागरूकता फैलाने में ‘ब्रांड एंबेसडर’ की तरह कार्य करना चाहिए।

छात्र-छात्राओं की सहभागिता

कार्यक्रम में संभाग के विभिन्न विद्यालयों से आए दर्जनों छात्र-छात्राओं ने वाद-विवाद प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। बच्चों ने ‘सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’ विषय पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए ट्रैफिक नियमों के पालन, सड़क दुर्घटनाओं की भयावह स्थिति और सुरक्षित भारत की परिकल्पना पर जोर दिया। निर्णायक मंडल ने प्रतिभागियों के वक्तव्यों का मूल्यांकन किया और विजेताओं को पुरस्कार से सम्मानित किया।

साक्षरता दिवस का संदेश

इस अवसर पर शिक्षकों ने भी अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस का महत्व बताते हुए कहा कि शिक्षा ही वह साधन है, जिससे हर व्यक्ति जागरूक होकर समाज और देश की प्रगति में भागीदार बन सकता है।

समापन

कार्यक्रम का समापन अतिथियों द्वारा विजेता प्रतिभागियों को ट्रॉफी और प्रमाणपत्र प्रदान करने के साथ हुआ। महापौर और विधायक ने सभी छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएँ देते हुए उन्हें आगे भी समाजहित के विषयों पर सक्रिय रहने की प्रेरणा दी|

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button