
दुर्ग। कलेक्टोरेट परिसर स्थित आधार सेवा केंद्र में हुई चोरी की घटना का सिटी कोतवाली पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया। मामले में दो आरोपियों और दो विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लेकर चोरी गई नगदी और लैपटॉप बैग बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार रसमड़ा निवासी निलेश कुमार साहू कलेक्टोरेट परिसर स्थित आधार सेवा केंद्र का संचालन करते हैं। 12 जून की शाम कार्यालय बंद कर घर जाने के बाद जब वे 13 जून की सुबह केंद्र पहुंचे तो कार्यालय के मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी हुई मिली। अंदर जांच करने पर टेबल की दराज में रखी नगदी राशि और एक लैपटॉप बैग गायब था। इसके बाद उन्होंने थाना सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 309/2026 के तहत धारा 331(4) और 305 बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर तत्काल जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।
जांच के दौरान पुलिस ने विनस कुमार कुल्थी और गिरीराज तिवारी उर्फ बबलू सहित दो विधि से संघर्षरत बालकों को चिन्हित कर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों और बालकों के कब्जे से चोरी गई 3 हजार रुपये नगद राशि तथा एक लैपटॉप बैग बरामद कर जब्त कर लिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जबकि दोनों विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में विनस कुमार कुल्थी (19 वर्ष), निवासी तितुरडीह, दुर्ग तथा गिरीराज तिवारी उर्फ बबलू, निवासी बॉम्बे आवास, उरला, दुर्ग शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने आर्थिक लाभ प्राप्त करने की नीयत से चोरी की वारदात को अंजाम दिया था।
इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली दुर्ग की पुलिस टीम की त्वरित पतासाजी, तकनीकी विश्लेषण और प्रभावी कार्रवाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।












