ब्रेकिंग
नाम बदलेगा केरल, लोकसभा ने दी मंजूरी; अब ‘केरलम’ के नाम से होगी राज्य की पहचान वंदे मातरम् के गायन में बाधा डालना अब अपराध, राष्ट्रपति की मंजूरी से कानून लागू चंद घंटों में चोरी के दो मामलों का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; करीब 8 लाख के सोने के जेवर बरामद प्रदेश स्तरीय जबर हरेली भिलाई 16 अगस्त को-कामेश्वर साहू हरेली तिहार पर हरियाली का संकल्प, न्यू कृषि मंडी से होगा वृहद वृक्षारोपण की शुरुआत, तीन दिन बाद छत्तीसगढ़ में फिर जोर पकड़ेगा मानसून, बारिश का दौर होगा तेज पुलिस भर्ती मुख्य परीक्षा की तारीख बदली, अब 2 से 4 नवंबर तक होगी परीक्षा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिक पर पुलिस की कार्रवाई, फर्जी दस्तावेजों से पहचान छिपाने का आरोप महेश कॉलोनी में ‘मेरे सपनों का आंगन’ कार्यक्रम का आयोजन, महिला उद्यमिता और स्वदेशी हुनर को मिला मंच पत्नी के मजदूरी करने जाने से नाराज पति ने घर में लगाई आग, धमधा पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़बालोद

‘निक्षय मित्र’ बनकर टीबी मरीजों का बनें सहारा, कलेक्टर ने की भावुक अपील

बालोद। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बालोद जिले को शत-प्रतिशत टीबी (क्षय रोग) मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने जिलेवासियों से इस जनस्वास्थ्य अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक जागरूकता फैलाने की अपील की है।

कलेक्टर ने कहा कि बालोद स्वास्थ्य जागरूकता और सामूहिक प्रयासों में हमेशा अग्रणी रहा है। अब समय आ गया है कि सभी नागरिक मिलकर जिले से टीबी के समूल उन्मूलन का संकल्प लें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, शाम के समय बुखार, अचानक वजन कम होना या भूख न लगने जैसी समस्याएं हों, तो इन्हें सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज न करें। ये टीबी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं।

उन्होंने बताया कि जिले के सभी शासकीय अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की आधुनिक जांच, जिसमें बलगम जांच और सीबीनाट टेस्ट शामिल हैं, पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। साथ ही मरीजों के लिए संपूर्ण उपचार की भी निःशुल्क व्यवस्था की गई है। समय पर जांच और नियमित इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।

कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने समाज के सक्षम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और स्वैच्छिक संस्थाओं से ‘निक्षय मित्र’ बनने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र बनकर टीबी मरीजों को गोद लिया जा सकता है तथा उन्हें पौष्टिक आहार किट और मानसिक सहयोग प्रदान कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है।

उन्होंने समाज से टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने की अपील करते हुए कहा कि रोगियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करें। उन्हें नियमित रूप से उपचार पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि बालोद को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य जल्द से जल्द हासिल किया जा सके।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button