
दुर्ग। भिलाई भट्ठी थाना क्षेत्र में चाकू दिखाकर मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए Realme और iPhone 16 मोबाइल फोन के साथ वारदात में इस्तेमाल किया गया स्टील का धारदार हथियार भी बरामद किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, 29 जुलाई 2026 को डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सेक्टर-01 के पास अयान अली अपनी महिला साथी के साथ मौजूद था। इसी दौरान तीन अज्ञात युवकों ने उन्हें निशाना बनाकर मोबाइल फोन लूट लिए। बताया गया कि लूट का विरोध करने पर आरोपियों ने प्रार्थी की कमर और पीठ के पास नुकीली वस्तु से चोट पहुंचाई और मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद थाना भिलाई भट्ठी पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम ने उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मोबाइल लूट की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से एक Realme मोबाइल, एक iPhone 16 और घटना में इस्तेमाल स्टील का धारदार हथियार जब्त किया। आरोपियों को 11 अगस्त 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सुनसान स्थान के पास प्रार्थी और उसकी महिला साथी को निशाना बनाया। मोबाइल लूटने के दौरान विरोध करने पर नुकीली वस्तु से चोट पहुंचाई गई और दोनों मोबाइल लेकर आरोपी फरार हो गए।
गिरफ्तार आरोपी
- आर्यन राय (19 वर्ष), निवासी शंकर पारा, लक्ष्मी मार्केट, सुपेला, दुर्ग।
- पीयूष कुमार शाह (20 वर्ष), निवासी तीन दर्शन मंदिर के पीछे, रामजी निवास, नेहरू चौक, कैम्प-01, भिलाई।
- मोहम्मद आरिफ शाह (19 वर्ष), निवासी पंजाब डेयरी के पीछे, स्टील नगर, कैम्प-01, भिलाई।
यह सामान हुआ बरामद
- Realme कंपनी का 01 मोबाइल फोन
- iPhone 16 का 01 मोबाइल फोन
- घटना में प्रयुक्त स्टील का 01 धारदार हथियार
इस कार्रवाई में थाना भिलाई भट्ठी के थाना प्रभारी निरीक्षक दिलेश्वर कुमार, सउनि भारत सिंह चौधरी, पुनीत राम वर्मा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक राजेन्द्र प्रसाद, आरक्षक आशीष प्रसाद, अमित सिंह और जयनारायण यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। किसी घटना की स्थिति में खुद जोखिम उठाने के बजाय पुलिस को सूचना देकर सहयोग करें।













