
भिलाई: जयंती स्टेडियम, सिविक सेंटर भिलाई में चल रही शिवमहापुराण कथा के दौरान पुलिस ने संदिग्ध रूप से घूम रहे महिलाओं के एक समूह को चिन्हित कर पूछताछ की। संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने 7 महिलाओं को थाने लाकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की।
शिवमहापुराण कथा का आयोजन 17 अगस्त से 23 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दुर्ग पुलिस द्वारा कथा स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस ने की पूछताछ
पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त को कथा पंडाल में महिलाओं का एक समूह संदिग्ध रूप से घूमता हुआ नजर आया। पुलिस टीम ने महिलाओं को चिन्हित कर उनसे पूछताछ की। संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत सभी 7 महिलाओं को थाना भिलाई नगर लाया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में किसी अपराध के घटित होने की पुष्टि नहीं हुई है। कार्रवाई का उद्देश्य कथा स्थल पर संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम और शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना था। महिलाओं की पहचान संबंधी आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी की गई।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं महिलाएं
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई जिन महिलाओं के खिलाफ की गई, उनमें रीना (35), अनीता देवी (22), सोनाली उर्फ शीला (45), जाह्नवी देवी (22) और गीता देवी (37) शामिल हैं। ये सभी मध्य प्रदेश के रीवा जिले के ग्राम खड्डा की निवासी बताई गई हैं।
इसके अलावा संगीता (25) और नैना (20) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के ग्राम समकलपुर की रहने वाली बताई गई हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस कार्रवाई में किसी महिला को अपराध के आरोपी के रूप में दर्ज नहीं किया गया है। साथ ही किसी प्रकार की सामग्री भी जब्त नहीं की गई।
श्रद्धालुओं से दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने कथा में आने वाले श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि धार्मिक आयोजन में अनावश्यक रूप से महंगे आभूषण पहनकर न आएं और मोबाइल, नगदी व अन्य कीमती सामान को सुरक्षित रखें।
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों और अपने सामान पर विशेष ध्यान देने की भी अपील की गई है। पुलिस ने श्रद्धालुओं से कहा है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
पुलिस के मुताबिक, धार्मिक आयोजन के दौरान नागरिकों की सुरक्षा, शांति और सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।














