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पोलैंड के राजदूत ने पहलगाम का किया जिक्र, आतंकियों के खिलाफ भारत की कार्रवाई को बताया जायज

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान संबंधों और आतंकवाद के मुद्दे पर पोलैंड के राजदूत पियोत्र एंटोनी स्विताल्स्की का बयान चर्चा में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का पोलैंड समर्थन करता है और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करने का भारत को पूरा अधिकार है। राजदूत ने इस दौरान पहलगाम आतंकी हमले का भी जिक्र किया और अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा किया।

पाकिस्तान की एयरफोर्स में पोलिश पायलटों का योगदान

पाकिस्तान के साथ पोलैंड के संबंधों का जिक्र करते हुए स्विताल्स्की ने बताया कि दोनों देशों के बीच राजनयिक और कुछ आर्थिक संबंध हैं, हालांकि पश्चिमी यूरोप के कई देशों की तुलना में पाकिस्तान के साथ पोलैंड का आर्थिक जुड़ाव सीमित है।

उन्होंने बताया कि भारत के विभाजन के बाद कई पोलिश पायलट रोजगार की तलाश में थे। पाकिस्तान ने उन्हें अपने यहां काम करने का अवसर दिया और इन पायलटों ने पाकिस्तान की वायुसेना के शुरुआती दौर में प्रशिक्षण और निर्माण में योगदान दिया।

1971 के युद्ध में पोलिश टैंकों का इस्तेमाल

राजदूत ने भारत-पोलैंड के पुराने रक्षा संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान भारतीय सेना ने पोलैंड में निर्मित टैंकों का इस्तेमाल किया था।

उन्होंने बांग्लादेश की आजादी के बाद पोलैंड की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि उनका देश बांग्लादेश को मान्यता देने वाले शुरुआती देशों में शामिल था। उनके मुताबिक, यह भारत और पोलैंड के बीच पुराने रक्षा सहयोग को दर्शाता है।

ऑपरेशन सिंदूर में पोलिश ड्रोन का दावा

स्विताल्स्की ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए दावा किया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पोलैंड में निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल किया था। उन्होंने कहा कि इन ड्रोन के प्रदर्शन के बाद भारत की ओर से ऐसे सिस्टम के लिए नए अनुबंध भी किए गए हैं।

राजदूत के अनुसार, भारत को पोलैंड से हमलावर और टोही दोनों तरह के ड्रोन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में जारी युद्ध के दौरान इन तकनीकों के इस्तेमाल से पोलिश ड्रोन की क्षमताओं को और मजबूती मिली है।

‘पोलैंड और पाकिस्तान के आतंकी ढांचे के बीच कोई संबंध नहीं’

पाकिस्तान के संदर्भ में पोलिश ड्रोन की चर्चा पर राजदूत ने साफ किया कि पोलैंड और पाकिस्तान के आतंकवादी ढांचे के बीच कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी तरह का संबंध बताया जा सकता है, तो वह सिर्फ इतना है कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान में आतंकवादी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई में पोलिश ड्रोन का इस्तेमाल किया।

पहलगाम हमले को लेकर साझा किया व्यक्तिगत अनुभव

आतंकवाद के मुद्दे पर स्विताल्स्की ने कहा कि पोलैंड भारत के साथ खड़ा है। उनके मुताबिक, भारत को आतंकवादियों का पीछा करने और जहां वे मौजूद हैं, वहां उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है। उन्होंने आतंकवाद की बिना शर्त निंदा की और कहा कि पोलैंड खुद भी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर चुका है।

उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले का भी उल्लेख किया। राजदूत ने बताया कि हमले से ठीक एक रात पहले वह श्रीनगर में थे और पहलगाम जाने वाले थे, लेकिन परिस्थितियों के कारण वहां नहीं जा सके। उन्होंने कहा कि इस वजह से भारत में इस हमले को लेकर पैदा हुई भावनाओं को वह व्यक्तिगत रूप से महसूस कर सकते हैं।

भारत-पाकिस्तान संयुक्त बयान पर भी दी सफाई

पोलैंड और पाकिस्तान के बीच अक्टूबर 2025 में जारी संयुक्त बयान को लेकर भी स्विताल्स्की ने स्पष्टीकरण दिया। उस बयान में कश्मीर सहित विवादों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुरूप हल करने की बात कही गई थी।

भारत की नीति दोनों देशों के बीच विवादों को द्विपक्षीय तरीके से सुलझाने की रही है। इसी वजह से संयुक्त बयान को लेकर सवाल उठे थे। स्विताल्स्की ने कहा कि पोलैंड के रुख को गलत समझा गया और आतंकवाद के मुद्दे पर भारत तथा पोलैंड के बीच कोई वास्तविक मतभेद नहीं है।

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