
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 7 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद प्रदेश में स्वाइन फ्लू से प्रभावित लोगों की संख्या करीब 170 तक पहुंच गई है। राजधानी रायपुर में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बनी हुई है, जहां अब तक 73 मामले सामने आ चुके हैं।
19 जिलों तक पहुंचा संक्रमण
स्वाइन फ्लू का संक्रमण प्रदेश के 19 जिलों तक पहुंच चुका है। लगातार नए मामले सामने आने के चलते अस्पतालों में भी तैयारियां बढ़ाई जा रही हैं। जिला अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड और बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
बिलासपुर में अब तक 13 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें 3 सक्रिय मरीज बताए जा रहे हैं। वहीं सरगुजा में एक नया मामला सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 3 हो गई है।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी
स्वास्थ्य विभाग ने कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए इन वर्गों को लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों को भी निर्देश दिए गए हैं कि स्वाइन फ्लू का संदिग्ध या पुष्ट मामला सामने आने पर इसकी सूचना तत्काल संबंधित जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दी जाए।
बुखार और खांसी को नजरअंदाज न करें
स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे ही हो सकते हैं। इनमें बुखार, सर्दी-जुकाम, गले में खराश और खांसी शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से इन लक्षणों को हल्के में नहीं लेने की अपील की है।
खास तौर पर यदि बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी हो रही हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
भीड़भाड़ से बचने और मास्क लगाने की सलाह
H1N1 वायरस संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के जरिए फैल सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भीड़भाड़ वाले और बंद स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है।
संक्रमण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करने, स्वच्छता का ध्यान रखने और लक्षण दिखाई देने पर समय पर जांच व उपचार कराने की सलाह दी गई है।














