ब्रेकिंग
रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा बनेंगे खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के मेजबान शहर अमेरिका का बड़ा फैसला: एयर इंडिया अब चला सकेगी कार्गो और चार्टर्ड उड़ानें पीएम मोदी ने भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन पर जताया गहरा शोक Iran Earthquake: तनाव के माहौल में ईरान में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.1 दर्ज CG IPS Update: नौ आईपीएस अधिकारियों को वेतन वृद्धि की मंजूरी, देखिए पूरी सूची सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय होली पर किसानों के खातों में राशि अंतरण से दोगुनी हुई तिहार की खुशी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय युवा शक्ति को नई उड़ान देगा ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026’ - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौसम ने बदला मिजाज, कई शहरों में तापमान 35 डिग्री पार जशपुर में बड़ा सड़क हादसा: सवारी से भरी बस पलटी, 5 की मौत, कई घायल
क्राइमखेलछत्तीसगढ़टेक्नोलॉजीदेशबिज़नेसमनोरंजनराज्यविदेशविविध

बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए मुहिम, सीएम साय ने रायपुर में बच्चों को खिलाई एलबेंडाजोल की गोली

रायपुरः राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के जे. आर. दानी गर्ल्स स्कूल में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आय़ोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को एलबेंडाजोल की गोली खिलाकर इस कार्यक्रम की शुरूआत की। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा मौजूद रहे।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 1 से 19 वर्ष के 1 करोड़ 7 लाख 97 हजार बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूलों में शिक्षकों द्वारा एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा कृमिनाशक दवा एल्बेन्डाजॉल 400 एमजी की दवा का सेवन कराया जाएगा। 04 सितम्बर 2024 को मॉप-अप दिवस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दवा सेवन से छूटे हुए बच्चों व किशोरों को दवा सेवन कराया जाएगा। इससे उनके स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर, एनीमिया की रोकथाम, बौद्धिक विकास तथा शाला में उपस्थिति में सुधार आएगा।

कृमि की दवा वर्ष में दो बार देना आवश्यक

स्वास्थ्य विभाग की मानें तो राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रो में बच्चों को एक-एक अल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जाएगी। ऐसे बच्चे और किशोर-किशोरी जो स्कूल नहीं जाते हैं, उन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार पेट में कृमि होने के कई तरह की समस्या हो सकती है। ऐसे लक्षण के प्रति माता-पिता को जागरूक रहना चाहिए। कृमि के कारण बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं लगता व खाने में रूचि घटती है। बच्चे अधिक भोजन करेंगे, लेकिन शरीर में नहीं लगेगा। अल्बेंडाजोल की गोली खिलाने से बच्चे एनीमिया का शिकार होने से बच सकते हैं। इससे मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है और बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। मानसिक और शारीरिक विकास के लिए 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाना जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button