8 सूत्रीय मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकायो ने किया धरना प्रदर्शन

दुर्ग | आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्यरत मेहनतकश महिला कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया। उनका कहना है कि राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत काम कर रहीं इन महिलाओं को अभी तक उचित लाभ और मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
धरने में शामिल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया, जिसमें वेतन वृद्धि, नियमितिकरण, अवकाश की सुविधाएं और स्वास्थ्य बीमा जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इन महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके कार्य का महत्व समझते हुए उन्हें उचित मान-सम्मान और लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से मुख्यमंत्री और दुर्ग जिले की कलेक्टर महोदया का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया है
- नियमितीकरण : पंचायती राज्य के अधीन छत्तीसगढ़ राज्य में पंचायत कर्मी, शिक्षा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, पंचायत सचिवों जैसे मानसेवियों को सरकार नीति बनाकर उन्हे नियमित (शासकीय कर्मचारी) कर चुकी है, लेकिन हम आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विगत 50 सालों से कार्यरत् है लेकिन हम आज भी मानसेवी नही है। आपसे हमारा अनुरोध है कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित करते हुए शासकीय कर्मचारी घोषित किया जावे।
- जीने लायक वेतन शासकीय कर्मचारी घोषित करने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता bको 21,000/- (इक्कीस हजार रू०) और सहायिका को 17,850/- (सत्रह हजार आठ सौ पचास रू०) जीने लायक वेतन स्वीकृत किया जावे। साथ ही वर्तमान में कार्यकर्ताओं को प्राप्त मानदेय 10,000/-रू. का 85 प्रतिशत राशि सहायिकाओं के लिये स्वीकृत किया जावे।
- सेवा निवृत्ति पेंशन ग्रेज्युटी: 35-40 वर्ष विगत की सेवा करने के बाद भी बुढ़ापे के समय जीवन यापन हेतु ना तो कोई पेंशन मिल रहा है और ना ही एकमुश्त राशि कार्यकर्ता को 10,000 सहायिका को 8,000 मासिक पेंशन और बुढ़ापे के शेष जीवन यापन के लिये। कार्यकर्ता को 5 लाख रू और सहायिका को 4 लाख रू एकमुश्त ग्रेज्युटी राशि प्रदान किया जावे”।
- समूह बीमा योजना लागू करना भविष्य की सुरक्षा के लिये आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका को समूह बीमा योजना (GIS) में जोड़ा जाये। इस हेतु नीति निर्धारण किया जाये।
- अनुकम्प नियुक्तिः कार्यकर्ता सहायिका के आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दिया जावे।
- मंहगाई भत्ताः मानदेय को मंहगाई भत्ता के साथ जोड़ा जाए मंहगाई भत्ता स्वीकृत किया जावे।
- पदोन्नति बावत्ः- वर्षों से अल्प मानदेय में कार्यरत आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिकाओं को पदोन्नति के पद रिक्त होने के बाद भी 50 प्रतिशत का प्रतिबंध होने के कारण इन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है। 50 प्रतिशत का बंधन को समाप्त किया जाए और कार्यकर्ता को बिना उम्र बंधन के वरिष्ठता कम में बिना परीक्षा के सुपरवाइजर के रिक्त शत प्रतिशत पद पर लिया जावे। इसी तरह सहायिकाओं को भी 50 प्रतिशत के बंधन को समाप्त कर कार्यकर्ता के पद रिक्त होने पर शत् प्रतिशत वरिष्ठता कम में कार्यकर्ता के पद पर पदोन्नति किया जावे।
- सभी केन्द्रो में गैस सिलेण्डर और चूल्हा प्रदान किया जावे और इसकी नियमित रिफिलिंग की व्यवस्था सुगम बनाया जावे।
महोदय बढ़ते मंहगाई के इस दौर में हम आंगनबाड़ी कार्यकत्न सहायिका आर्थिक रूप से, मानसिक रूप से परेशान है, विभागीय काम के अलावा भी कई सारे हमसे काम लिया जाता है जिसके कारण विभागीय काम में बाधा उत्पन्न होती है।














