
दुर्ग : जिला दुर्ग के महिला थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग पीड़िता से दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में पुलिस कार्रवाई लगातार जारी है। फरार चल रहे दो आरोपियों ने 13 फरवरी 2026 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया।
महिला थाना में दर्ज अपराध क्रमांक 10/2026 में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पोक्सो अधिनियम और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध है। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद दोनों आरोपियों से दो दिन तक गहन पूछताछ की गई।
रिमांड अवधि के दौरान एक आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार जब्त की गई, जबकि दूसरे आरोपी से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा एक अन्य वाहन भी पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है। पुलिस टीम ने आरोपियों को साथ लेकर दुर्ग एवं उतई स्थित रेस्ट हाउस सहित संबंधित स्थलों का पुनः निरीक्षण किया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई।
रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद दोनों आरोपियों को 15 फरवरी 2026 को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
महिला थाना दुर्ग एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों और सतत दबिश के आधार पर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना जारी है और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दुर्ग पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी गंभीर अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें। साथ ही पीड़ित की पहचान गोपनीय रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई है।














