ब्रेकिंग
शराब के लिए पैसे मांगकर कार सवार का रास्ता रोका, गाली-गलौज करने वाले 4 आरोपियों पर मामला दर्ज रसोई गैस पर बढ़ा बोझ: LPG सिलेंडर के दाम में ₹29 की बढ़ोतरी, उपभोक्ता परेशान दुर्ग में जुए के अड्डे पर पुलिस का छापा, 15 जुआरी गिरफ्तार; ₹4.34 लाख की संपत्ति जब्त रायपुर में विकास भी, विरोध भी: मिनी बस सेवा शुरू, कांग्रेस करेगी प्रदर्शन शहर के विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों की सौगात, महापौर ने किया भूमिपूजन सोशल मीडिया वायरल मारपीट मामले में सुपेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई,1 आरोपी सहित 5 अपचारी बालक गिरफ्तार अवैध शराब बिक्री पर रानीतराई पुलिस की कार्रवाई, 35 पौवा शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार राहगीरों को धारदार हथियार दिखाकर डरा रहा था युवक, वैशाली नगर पुलिस ने किया गिरफ्तार अवैध शराब बिक्री करने वालों के विरुद्ध दुर्ग पुलिस की लगातार कार्यवाही जारी, आरोपी को कुम्हारी पुलिस... देशभर में मानसून की रफ्तार तेज, यूपी-एमपी भीगे; दिल्ली-NCR में मौसम विभाग की चेतावनी
छत्तीसगढ़दुर्ग

दुर्ग पुलिस ने राष्ट्रीय पेंशन योजना में 1.19 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का किया पर्दाफाश, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। थाना पाटन क्षेत्र में राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) से संबंधित फर्जी मृत्यु दावा कर लगभग 1.19 करोड़ रुपये की अनियमित निकासी मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने जीवित व्यक्तियों को मृत दर्शाकर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बीमा राशि निकालने की योजना बनाई थी।

16 फरवरी 2026 को एचडीएफसी लाइफ कंपनी लिमिटेड, बोकारो के प्रबंधक ने थाना पाटन में शिकायत दर्ज कराई कि एनपीएस खातों में फर्जी मृत्यु दावा प्रस्तुत कर करोड़ों रुपये की राशि अनुचित रूप से निकाली गई।

जांच में पता चला कि आरोपीगणों ने जाली मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जी आधार कार्ड, पैन और अन्य केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग कर दावा प्रस्तुत किया। इनमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम पर मृत्यु दावा किया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति जीवित पाए गए।

आरोपी और कार्रवाई

मुख्य आरोपी राजेश कनोजिया (44), निवासी पंचशील सेक्टर-01, बोरसी, दुर्ग, जो स्थानीय ऑनलाइन सेवा केंद्र संचालित करता है, को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी ग्राहकों से आधार, पैन और बैंक जानकारी प्राप्त कर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।

जांच में यह भी उजागर हुआ कि मृतक दावा में समान पते, अमान्य क्यूआर कोड वाले प्रमाण पत्र और संदिग्ध बैंक खातों के माध्यम से लेनदेन जैसी अनियमितताएं थीं। इस प्रकरण में पूर्व कर्मचारी राजेश कुमार ठाकुर की भूमिका भी मिली, जिन्होंने सत्यापन प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए फर्जी दस्तावेज अपलोड किए।

बरामद सामग्री

  1. नगद राशि ₹10,000/-
  2. फर्जी दस्तावेजों से संबंधित डिजिटल साक्ष्य

पुलिस की सराहनीय भूमिका

थाना पाटन के थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा, उप निरीक्षक और थाना स्टाफ ने तकनीकी जांच कर आरोपी की पहचान कर विधिवत गिरफ्तार किया।

पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि बीमा और पेंशन योजनाओं से संबंधित कोई भी जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें। वित्तीय धोखाधड़ी में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

अपराध क्रमांक: 74/2026
धारा: 316, 318, 336(2), 337, 338, 339, 340(2), 61(2), 3(5) भारतीय दंड संहिता
स्थान: थाना पाटन क्षेत्र एवं संबंधित एनपीएस खाते, ऑनलाइन माध्यम

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button