
दुर्ग। जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत शहरी क्षेत्रों में हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि ग्रामीण इलाकों में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट और ग्रे स्पॉट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
यातायात पुलिस द्वारा प्रतिदिन सुबह 6 बजे से ग्रामीण क्षेत्रों में फिक्स चेकिंग पॉइंट स्थापित कर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की जांच की जा रही है। इस दौरान वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व की जानकारी देकर यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत मालवाहक वाहनों में अवैध रूप से सवारी परिवहन करने वालों पर भी सख्ती बरती जा रही है। पुलिस के अनुसार ऐसे वाहनों में यात्रियों को ले जाने से गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी कड़ी में बीते एक सप्ताह के दौरान 74 मालवाहक वाहनों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
इसके अलावा ब्रेथ एनालाइजर मशीन के जरिए वाहन चालकों की जांच कर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नशे की हालत में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण है, इसलिए इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
यातायात पुलिस दुर्ग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा अभियान के दौरान प्रभावी चेकिंग, सतत निगरानी और जनजागरूकता गतिविधियों के माध्यम से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करें, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। साथ ही नशे की अवस्था में वाहन न चलाएं और मालवाहक वाहनों में सवारी करने से बचें।












