ब्रेकिंग
चरोदा स्कूल में विश्व मानवाधिकार परिषद ने बांटी शिक्षण सामग्री, बच्चों के चेहरे पर दिखी खुशी जयंती स्टेडियम में पंडित प्रदीप मिश्रा से मिले सीजी सुपर फास्ट न्यूज के संपादक सुरेश गुप्ता, लिया आश... महासमुंद में महारुद्राभिषेक में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव, भगवान शिव से प्रदेश की खुशहाली की... उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने 32 करोड़ के कार्यों का किया भूमिपूजन रक्षाबंधन से पहले बहनों को विष्णु भैया का महतारी वंदन उपहार रिमझिम सावन मेला के शुभारंभ में सीएम की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय एवं डॉ. सरोज पाण्डेय हुईं शामिल, ... आदतन अपराधी भीम सोनकर पर बड़ी कार्रवाई, एक साल के लिए जिलाबदर; दुर्ग समेत 7 जिलों की सीमा से बाहर रह... नरेंद्र बंछोर जी के जन्मदिन पर छत्तीसगढ़ सर्व समाज संगठन ने दी शुभकामनाएं स्व सहायता समूह में निवेश का झांसा देकर महिलाओं से लोन निकलवाकर रकम हड़पने वाली महिला गिरफ्तार सड़क सुरक्षा के लिए सार्वजनिक संस्थाओं की पहल, दुर्ग ट्रैफिक पुलिस को मिले 35 स्टॉपर
छत्तीसगढ़रायपुर

सड़क नहीं, समृद्धि का नया मार्ग:NH-130D ने बदली नारायणपुर की सूरत और सीरत

कोण्डागांव-नारायणपुर खंड के उन्नयन से थमी दुश्वारियां​

रायपुर : सड़कें सिर्फ कंक्रीट और डामर की संरचना नहीं होतीं, बल्कि वे किसी भी अंचल के भाग्य और विकास की जीवनरेखा होती हैं। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में विकास की एक ऐसी ही नई इबारत राष्ट्रीय राजमार्ग-130डी (NH-130D) के रूप में लिखी गई है। इस हाईवे के कोण्डागांव-नारायणपुर मार्ग पर 12.6 किलोमीटर लंबे खंड किलोमीटर 32.200 से 44.800 तक के उन्नयन और मजबूतीकरण ने पूरे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर बदल दी है। यह परियोजना अब केवल एक सड़क निर्माण कार्य न रहकर, बस्तर संभाग के इस महत्वपूर्ण अंचल में सामाजिक और आर्थिक क्रांति का मजबूत आधार बन चुकी है।

​गड्ढों के दर्द से मिली मुक्ति, थमा हादसों का सफर

कुछ समय पहले तक इस मार्ग की स्थिति अत्यंत जर्जर थी। गड्ढों से भरी इस सड़क पर सफर करना किसी चुनौती से कम नहीं था। महज कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग जाते थे। मानसून के दिनों में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती थी। वाहन चालकों के सिर पर हमेशा दुर्घटना का साया मंडराता रहता था। खराब कनेक्टिविटी के कारण गंभीर मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना और किसानों के लिए अपनी उपज मंडियों तक ले जाना एक दुःस्वप्न जैसा था।

​कम हुआ समय, सुरक्षित हुआ सफर

NH-130D  के इस महत्वपूर्ण खंड के कायाकल्प के बाद आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से न सिर्फ यात्रा का समय आधा रह गया है, बल्कि सफर बेहद सुरक्षित और आरामदायक हो गया है। सड़क की समतल और उच्च गुणवत्ता वाली सतह ने हादसों की आशंका को न्यूनतम कर दिया है, जिससे इस मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

अर्थव्यवस्था को मिली रफ्तार, थमी परिवहन लागत

इस सुगम सड़क का सबसे सीधा और बड़ा असर क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। अन्नदाताओं को अब अपनी कृषि उपज प्रमुख बाजारों और सोसायटियों तक पहुंचाने में आसानी हो रही है, जिससे उनके समय और परिवहन पर होने वाले अतिरिक्त खर्च की भारी बचत हो रही है। छोटे व्यापारियों और स्थानीय व्यवसायियों के लिए सामान की लोडिंग-अनलोडिंग और आवागमन सरल व किफायती हो गया है। बेहतर सड़क होने के कारण वाहनों में ईंधन की खपत कम हुई है और उनके रखरखाव (मेंटेनेंस) का खर्च भी घटा है, जिससे कमर्शियल वाहन मालिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।

स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में संजीवनी

इस सड़क ने नारायणपुर के अंदरूनी क्षेत्रों के लिए श्संजीवनीश् का काम किया है। अब आपातकालीन स्थिति में गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस के माध्यम से बिना किसी व्यवधान के जिला अस्पताल या अन्य उच्च चिकित्सा संस्थानों तक बेहद कम समय में पहुंचाया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर अंचल के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए स्कूल, कॉलेज तथा तकनीकी संस्थानों तक का सफर अब सुरक्षित हो गया है, जिससे ड्रॉप-आउट दरों में कमी आएगी और उच्च शिक्षा की राह आसान होगी।

​प्रशासन के प्रति बढ़ा जन-विश्वास

सड़क के इस कायाकल्प से नारायणपुर और कोण्डागांव के स्थानीय नागरिकों में भारी उत्साह है। नियमित सफर करने वाले राहगीरों का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा के भीतर काम पूरा होने से शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली के प्रति जनता का भरोसा और मजबूत हुआ है।

NH-130D  का यह नया स्वरूप महज एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि नारायणपुर के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण का नया प्रवेश द्वार है, जो आने वाले समय में रोजगार, व्यापार और उन्नत जीवन स्तर की नई संभावनाओं को गढ़ता रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button