प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने बड़ा कदम, लोक परीक्षा संशोधन विधेयक-2026 पारित

नई दिल्ली। लोकसभा ने बुधवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 को पारित कर दिया। इस संशोधन के जरिए वर्ष 2024 के कानून को और अधिक सख्त बनाया गया है। नए प्रावधानों के तहत अब पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों को 10 साल तक की जेल, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और संपत्ति जब्त किए जाने जैसी कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान
संशोधित कानून के अनुसार, परीक्षा में अनियमितता या पेपर लीक के मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर दंड दिया जाएगा। साथ ही, मामलों के त्वरित निपटारे के लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना की जाएगी।
कानून के तहत एफआईआर दर्ज होने के दो महीने के भीतर जांच पूरी करनी होगी, जबकि आरोपपत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मामले का निपटारा करना अनिवार्य होगा।
युवाओं के हितों की रक्षा का दावा
विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संशोधन का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की घटनाएं विभिन्न राज्यों में सामने आई हैं और सरकार ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई के पक्ष में है।
सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस
विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था, नीट परीक्षा और छात्रों के विरोध प्रदर्शन का मुद्दा उठाया।
इस दौरान उनकी कुछ टिप्पणियों पर संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी राहुल गांधी से चर्चा को केवल विधेयक तक सीमित रखने का आग्रह किया। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।
कुछ दलों ने किया समर्थन, कुछ ने जताई आपत्ति
जदयू सांसद दिलेश्वर कामायत ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता आएगी और विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित होगा। वहीं, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन ने इसे अपर्याप्त बताते हुए विधेयक का विरोध किया।
विधेयक पारित होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।













