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छत्तीसगढ़

गरीबों के घर के पैसे में गड़बड़ी का आरोप, पीएम आवास हितग्राहियों ने मांगी जांच

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। बोडगा गांव के आदिवासी ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि आवास निर्माण के लिए उनके बैंक खातों में सरकारी सहायता राशि जमा होने के बावजूद उन्हें पूरी रकम नहीं दी गई। पीड़ित ग्रामीणों ने मंगलवार को स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

26 लाख रुपये की हेराफेरी का आरोप

मामला भैरमगढ़ जनपद की ईतामपार ग्राम पंचायत अंतर्गत बोडगा गांव का बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके खातों में पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये और दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपये जमा किए गए थे।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिव कोमल निषाद उन्हें बैंक ले जाकर खातों से राशि निकलवाते थे। इसके बाद लाभार्थियों को कथित तौर पर केवल 500-500 रुपये दिए जाते थे, जबकि शेष राशि अपने पास रख ली जाती थी। ग्रामीणों ने इस तरह करीब 26 लाख रुपये की वित्तीय गड़बड़ी किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।

आवाज उठाने पर धमकी देने का भी आरोप

पीड़ित आदिवासी ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने अपने हक की पूरी राशि मांगी तो उन्हें कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। ग्रामीणों के अनुसार, इस कारण कई हितग्राही खुलकर अपनी बात रखने से भी डरते रहे।

नक्सल प्रभावित और संवेदनशील इलाके में रहने वाले इन गरीब परिवारों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सहायता से उनका पक्का घर बन सकेगा, लेकिन कथित वित्तीय गड़बड़ी के चलते कई परिवारों का आवास निर्माण कार्य अधूरा या ठप पड़ा हुआ है।

ग्रामीणों ने अब जिला पंचायत प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा हितग्राहियों को उनकी पूरी आवास राशि दिलाने की मांग की है। मामले में प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

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