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यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, रायपुर स्टेशन पर जल्द शुरू होगी नई सुविधा

रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रेलवे मंडल ने पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान की दिशा में अहम पहल शुरू की है। अब रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली खाली प्लास्टिक बोतलों को इधर-उधर फेंकने के बजाय स्टेशन परिसर में ही क्रश किया जाएगा। इसके लिए प्लास्टिक बॉटल क्रशर मशीनें स्थापित की जा रही हैं।

इस सुविधा की शुरुआत सबसे पहले रायपुर रेलवे स्टेशन से की जा रही है। रेलवे की इस पहल से स्टेशन परिसर में प्लास्टिक कचरे को कम करने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

छह प्लेटफॉर्म पर लगेंगी मशीनें

रायपुर रेलवे स्टेशन के अलग-अलग प्लेटफॉर्मों पर कुल छह प्लास्टिक बॉटल क्रशर मशीनें लगाने की योजना है। इन ऑटोमैटिक मशीनों में यात्री अपनी खाली प्लास्टिक की बोतल डाल सकेंगे, जिसके बाद मशीन उसे छोटे टुकड़ों में क्रश कर देगी।

क्रश किए गए प्लास्टिक को आगे रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इससे प्लेटफॉर्म, पटरियों और स्टेशन परिसर में प्लास्टिक की बोतलों के बिखरे रहने की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

चार अन्य स्टेशनों पर भी विस्तार की तैयारी

रायपुर स्टेशन पर इस सुविधा के बाद रेलवे मंडल के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी प्लास्टिक बॉटल क्रशर मशीनें लगाने की योजना है। अगले चरण में तिल्दा-नेवरा, भिलाई, दुर्ग और भाटापारा रेलवे स्टेशनों को इसमें शामिल किया गया है।

इन स्टेशनों पर मशीनें लगने से यात्रियों को खाली बोतलों के निपटान के लिए सुविधाजनक विकल्प मिलेगा और प्लास्टिक कचरे को रीसाइक्लिंग के लिए भेजना आसान होगा।

सफाई व्यवस्था को मिलेगा फायदा

रेलवे की इस पहल से स्टेशन परिसर में प्लास्टिक कचरे को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। खासकर पटरियों और ड्रेनेज सिस्टम में प्लास्टिक कचरा जमा होने की समस्या को कम किया जा सकेगा।

इस कदम से न सिर्फ रेलवे स्टेशनों की साफ-सफाई बेहतर होगी, बल्कि प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक निपटान और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यात्रियों से भी उम्मीद की जा रही है कि वे खाली बोतलों को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित मशीनों में डालकर इस पहल में सहयोग करेंगे।

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