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रायपुर

पंडित प्रदीप मिश्रा का बड़ा बयान: बच्चों को शिवाजी और लक्ष्मीबाई का परिधान पहनाएं, लाल टोपी पहनाकर जोकर न बनाएं

रायपुर| छत्तीसगढ़ की राजधानी के सेजबहार में पंडित प्रदीप मिश्रा शिव महापुराण का वाचन कर रहे हैं। इस दौरान उनका बड़ा बयान सामने आया है। प्रदीप मिश्रा ने सनातनियों को अपने धर्म को प्रबल बनाने की सलाह देते हुए|

कहा है कि आप अपने बच्चों को छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप और झांसी की रानी के परिधान पहनाइए। उन्हें लाल ड्रेस और टोपी पहनाकर जोकर मत बनाइए। पं. मिश्रा ने सेजबहार में 30 दिसंबर रोज दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक कथा सुनाएंगे।

इस दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि अपने यहां रूखा-सूखा जो मिल रहा उसे ही खाइए। कुछ लोग थोड़ी चमक-धमक देखकर सनातन से नाता तोड़कर दूसरे धर्म की ओर भटक जाते हैं।

सनातन से बड़ा दूसरा कोई धर्म नहीं है। जो लोग अपने धर्म की परंपराओं और संस्कृति को छोड़कर किसी दूसरे धर्म की नकल करते हैं उन्हीं लोगों का मजाक उड़ाया जाता है। जूठन खाने की आदत छोड़िए। बच्चों को रानी लक्ष्मीबाई और वीर शिवाजी जैसे वीरों की गाथाएं सुनाएं ताकि उनके मन में वीर की भावना उत्पन्न हो।

नए साल साल के जश्न पर पंडित मिश्रा ने कहा कि अभी लोग थर्टी फर्स्ट मनाएंगे। सनातन में ऐसा कोई विधान नहीं है। केवल अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख बदलती है। फिर किस बात की खुशी मनाते हैं।

यह कैसा जश्न है जिसमें शराब की बोतल खोली जाए। क्या मतलब है इसका? चैत्र नव वर्ष में गंगाजल मिलता है। वही सनातनियों का नव वर्ष होता है। उस दिन लोग मंदिर और शिवालय जाते हैं।

मैं सनातनियों से निवेदन करूंगा कि अगर आपको थर्टी फर्स्ट मनाना है तो मदिरालय के बजाए शिवालय में जाइए। रायपुर में हटकेश्वर महादेव, बूढ़ेश्वर नाथ समेत अनेक शिवालय हैं। वहां जाकर भोलेनाथ के दर्शन कीजिए।

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