रिश्तों का खौफनाक अंत: बीवी को भतीजे से हुआ प्यार, पति की रस्सी से गला घोंटकर की हत्या, तालाब में फेंका शव

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। राजधानी लखनऊ के बंथरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों की मर्यादा और मानवता दोनों को शर्मसार कर दिया है। यहां एक महिला ने अपने भतीजे के साथ मिलकर अपने पति की नृशंस हत्या कर दी, और फिर उसकी गुमशुदगी का नाटक रचकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की।
38 वर्षीय मंजू देवी ने 24 मई की रात पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उसके पति सिद्धि प्रसाद रात 10:30 बजे घर से बाहर निकले थे और फिर लौटे नहीं। पहले-पहल यह एक सामान्य गुमशुदगी का मामला लगा, लेकिन पुलिस को मंजू के बयान में विरोधाभास नजर आने लगे। शक के आधार पर पुलिस ने उस पर नजर रखनी शुरू की।
जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ — मंजू देवी का अपने 25 वर्षीय भतीजे आकाश वर्मा के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने मिलकर सिद्धि प्रसाद को रास्ते से हटाने की साजिश रची। जिस रात परिवार के अन्य सदस्य शादी समारोह में गए थे, मंजू ने आकाश को घर बुलाया। आकाश अपने दोस्त संजय कश्यप (गोंडा निवासी, लखनऊ की नमकीन फैक्ट्री में कार्यरत) के साथ आया।
दोनों ने मिलकर पहले सिद्धि का रस्सी से गला घोंटा, फिर लोहे की पाइप से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को घर के पीछे तालाब में फेंक दिया गया, और पास में सिद्धि की चप्पल, मोबाइल और कपड़े रख दिए ताकि यह दुर्घटना लगे।
40 हजार में सौदा, 5 हजार एडवांस
पूछताछ में खुलासा हुआ कि हत्या के बदले संजय कश्यप को ₹40,000 देने की बात तय हुई थी, जिसमें ₹5,000 एडवांस दिया गया था। शेष रकम हत्या के बाद मिलनी थी। फिलहाल मंजू देवी और आकाश वर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि संजय अब भी फरार है और पुलिस उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
क्या बोले अधिकारी?
डीसीपी निपुण अग्रवाल और डीएसपी अमित कुमावत ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि अपराध कबूल करने के बाद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी और लोहे की पाइप भी पास के नाले से बरामद कर ली है।
शुरुआत में मामला आईपीसी की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया गया था, लेकिन अपराध स्वीकारोक्ति और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर इसे धारा 238A और 353(3) BNS में परिवर्तित किया गया है।














