एनएचएम हड़ताल पर बर्खास्तगी की कार्रवाई, आंदोलन और उग्र होने की चेतावनी

रायपुर। नियमितीकरण समेत 10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के 16 हजार एनएचएम कर्मचारी पिछले 18 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे हुए हैं। सरकार द्वारा दिए गए 24 घंटे के अल्टीमेटम के बाद भी काम पर नहीं लौटने पर अब बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो गई है। बलौदाबाजार जिले में दो कर्मचारियों समेत कुल 25 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
बलौदाबाजार के सीएमएचओ ने कसडोल ब्लॉक डाटा मैनेजर हेमंत सिन्हा और कौशलेश तिवारी की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई को लेकर एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रांतीय सलाहकार हेमंत सिन्हा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “आंदोलन को दबाने के लिए सरकार बर्खास्तगी का रास्ता अपना रही है। क्या सरकार 16 हजार एनएचएम कर्मचारियों को बर्खास्त करेगी?”
सिन्हा ने आगे कहा कि बर्खास्तगी से आंदोलन और उग्र होगा। पहले ही अल्टीमेटम के बाद कर्मचारियों ने स्वास्थ्य भवन का घेराव किया था, अब सभी एनएचएम कर्मचारी मंत्री और मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। उन्होंने दोहराया कि “हम अपनी मांगों पर अडिग हैं, बर्खास्तगी से डरने वाले नहीं हैं। सरकार से निवेदन है कि मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए नियमितीकरण का वादा निभाए।”
सीएमएचओ की ओर से जारी आदेश पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संघ की मांगों पर राज्य स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति ने 13 अगस्त को निर्णय ले लिया था और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय से निर्देश भी जारी हो चुके हैं। बावजूद इसके कर्मचारी हड़ताल पर बने हुए हैं, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।













