तेलीबांधा चौक में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की मूर्ति तोड़ी गई, नागरिकों में भारी आक्रोश

जगत भूमि राष्ट्रीय अखबार संवाददाता सुरेश गुप्ता की रिपोर्ट |रायपुर | राजधानी रायपुर से एक गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ तेलीबांधा चौक पर स्थापित ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। प्रदेश की आस्था, संस्कृति और अस्मिता के प्रतीक मानी जाने वाली इस प्रतिमा का सिर तोड़कर उसे उसके स्थान से उखाड़ फेंका गया। रविवार सुबह जब लोगों की नजर टूटी हुई प्रतिमा पर पड़ी, तो पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।
घटना की जानकारी मिलते ही तेलीबांधा थाना पुलिस और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रतिमा को दोबारा स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में असामाजिक तत्वों की संलिप्तता की आशंका है। आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।
स्थानीयों में गहरा रोष, अमित बघेल और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक
प्रतिमा से छेड़छाड़ की खबर फैलते ही छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के सदस्य बड़ी संख्या में चौक पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन किया। संगठन के प्रमुख अमित बघेल ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अमित बघेल और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। उन्होंने कहा कि यह घटना छत्तीसगढ़ की अस्मिता, आस्था और गौरव पर सीधा प्रहार है और दोषियों को हर हाल में गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
आस्था से जुड़ी ‘छत्तीसगढ़ महतारी’
छत्तीसगढ़ में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ को मातृभूमि और धन-धान्य की देवी के रूप में पूजनीय माना जाता है। यह प्रतिमा राज्य की संस्कृति, परंपरा और मातृत्व भावना का प्रतीक है। ऐसे में इस घटना ने पूरे प्रदेश में भावनात्मक आक्रोश पैदा कर दिया है।
पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
‘छत्तीसगढ़ महतारी’ का अपमान बर्दाश्त नहीं, क्रांति सेना ने दी चेतावनी — दोषियों की गिरफ्तारी तक जारी रहेगा विरोध।














