
दुर्ग। थाना सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस ने एक बड़े भूमि धोखाधड़ी मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। आरोपियों ने षड्यंत्रपूर्वक फर्जी दस्तावेज — आम मुख्त्यारनामा और इकरारनामा — तैयार कर लाखों रुपये मूल्य की जमीन हड़पने की कोशिश की थी।
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी पुसऊराम साहू निवासी ग्राम पतोरा, थाना उतई ने लिखित आवेदन देकर बताया कि उसके तथा उसकी मां स्व. सुरजाबाई साहू के नाम पर मौजा पतोरा, तहसील पाटन, जिला दुर्ग में भूमि दर्ज है। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि उसके पुत्र पर दबाव बनाकर भूनेश्वर साहू, देवादास मानिकपुरी, पूरन लाल साहू एवं उनके साथियों ने अनुचित लाभ प्राप्त करने की नीयत से उप-पंजीयक कार्यालय दुर्ग में एक कूटरचित आम मुख्त्यारनामा तैयार कराया।
यह दस्तावेज प्रार्थी और उसकी मां की अनुपस्थिति व बिना सहमति के तैयार किया गया था। आरोपियों ने अन्य व्यक्तियों से हस्ताक्षर व अंगूठा निशान लगवाकर फर्जी दस्तावेज निष्पादित किया, ताकि भूमि पर अवैध कब्जा किया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धारा 420, 423, 467, 468, 470, 471, 120-बी, 34 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों — भूनेश्वर प्रसाद साहू (ग्राम पतोरा), देवादास मानिकपुरी (ग्राम अचानकपुर) और पूरन लाल साहू (ग्राम अचानकपुर) — को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने षड्यंत्रपूर्वक फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की।
तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य संबंधित आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि भूमि संबंधी फर्जीवाड़ों पर कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।














