
भिलाई। थाना सुपेला क्षेत्र में हुए बहुचर्चित चोरी प्रकरण में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह के मुख्य आरोपी मोहम्मद नासिर हुसैन उर्फ आनस खान को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसमें चोरी की वारदातों से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। आरोपी की निशानदेही पर चोरी में इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष औजार और एक एक्टिवा दोपहिया वाहन जब्त किया गया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके साथी बंद मकानों, फ्लैटों और आवासीय परिसरों की पहले रेकी करते थे और फिर सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घरों के मुख्य दरवाजे, अलमारी, लॉकर और ताले तोड़ने के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए औजारों का उपयोग किया जाता था।
आरोपी की निशानदेही पर रायपुर स्थित मेकाहारा परिसर की मोटरसाइकिल पार्किंग में खड़ी एक एक्टिवा के सीट के नीचे छिपाकर रखे गए औजार बरामद किए गए। बरामद सामग्री में पाना, पेचकस, कटर, लोहे की रॉड सहित ताला और लॉकर तोड़ने के विशेष उपकरण शामिल हैं। आरोपी ने खुलासा किया कि कुछ औजार चोरी की वारदातों को ध्यान में रखकर एक लोहार से विशेष रूप से बनवाए गए थे।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक्टिवा क्रमांक CG10 AG 4136 भी जब्त की है। इस वाहन का उपयोग आरोपी और उसके साथी रायपुर से भिलाई-दुर्ग आकर चोरी की घटनाओं को अंजाम देने तथा बाद में वापस लौटने के लिए करते थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि नासिर हुसैन पूर्व में भोपाल, गोविंदपुरा, कोहेफिजा, क्राइम ब्रांच भोपाल, इंदौर के पलासिया क्षेत्र, चंडीगढ़ के सेक्टर-17 और सेक्टर-36 सहित कई स्थानों पर चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहा है। आरोपी ने विभिन्न राज्यों में चोरी की वारदातों में अपनी भूमिका स्वीकार की है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पुलिस पहले ही गिरोह के अन्य सदस्यों तथा चोरी का माल खरीदने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये की चोरी की संपत्ति बरामद कर चुकी है। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों और अतिरिक्त चोरी की संपत्ति की तलाश में जुटी हुई है।
दुर्ग पुलिस ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से प्राप्त सूचना, सतत निगरानी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर अंतर्राज्यीय चोरी गिरोह के खिलाफ यह प्रभावी कार्रवाई की गई है। मामले की विवेचना जारी है।











