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साइबर ठगी के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 15 आरोपी गिरफ्तार, मोहन नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

दुर्ग। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की रकम के अवैध लेन-देन में शामिल 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को स्थानांतरित करने और उससे अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों और अन्य सूचनाओं के आधार पर थाना मोहन नगर क्षेत्र में संचालित कोटक महिंद्रा बैंक के विभिन्न खातों की जांच की गई। जांच में सामने आया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच कई खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा की गई और बाद में विभिन्न माध्यमों से उसका लेन-देन किया गया।

विवेचना के दौरान यह पाया गया कि खाताधारकों ने स्वयं अथवा अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने बैंक खातों को साइबर अपराधियों के लिए “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल करने दिया। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाकर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था।

पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर थाना मोहन नगर में अपराध क्रमांक 329/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 317(2) के अंतर्गत मामला दर्ज कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों में पीयूष डडसेना, साहिल खान, खुशी झा, मोहम्मद फरान, अभिजीत कुमार, आदित्य रजक, आशीष चंद्राकर, निखिल साहू, रितेश मसीह, मोहम्मद सोहेल, निकिता चौहान, शुभा सेंगर, शिवम पांडेय, रितेश देवांगन और रणधीर झा शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों से बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज, बैंकिंग अभिलेख तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर मामले की आगे जांच जारी है।

दुर्ग पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों का उपयोग उपलब्ध कराना भी गंभीर अपराध है और ऐसे मामलों में खाताधारकों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाती है।

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, मोबाइल नंबर या इंटरनेट बैंकिंग सुविधा उपयोग के लिए न दें। किसी भी साइबर ठगी या संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन की जानकारी तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में दें।

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