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भिलाई

एक ही जमीन को कूटरचित दस्तावेज से दोबारा विक्रय करने का मामला, पुलिस ने एफआईआर किया दर्ज

भिलाई: सुपेला पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले का खुलासा किया है, जिसमें एक ही जमीन को कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अलग-अलग लोगों को विक्रय किया गया था। इस मामले का खुलासा न्यायालय में होने के बाद सुपेला पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया।

शिकायतकर्ता सर्वेश्वर दयाल मिश्रा की रपट पर पुलिस ने कुंजलाल, हफीजजुल्ला खान, राजू खान, राजेश प्रधान और खेमराज के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-B, 34, 420, 467 और 468 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।

मामले की पृष्ठभूमि: सर्वेश्वर दयाल मिश्रा (65 वर्ष), निवासी कोहका पुरानी बस्ती वार्ड-13, भिलाई ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 1978 में आरोपी कुंजलाल द्वारा जमीन का विक्रय किया गया था, लेकिन बाद में आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से उस ही जमीन को पुनः विक्रय कर दिया। आरोपीगण ने धोखा देने की नियत से कागजात में छेड़छाड़ की और एक ही भूमि के दोबारा विक्रय के प्रयास किए।

दूसरी बार विक्रय की घटना: मामला 14 अगस्त 2007 का है, जब कुंजलाल के माध्यम से हफीजजुल्ला खान और राजू खान ने उस भूमि का विक्रय किया, जिसे पहले ही बेचा जा चुका था। इसके बाद, राजेश प्रधान और खेमराज ने गवाह के तौर पर हस्ताक्षर किए और पंजीयन कार्यालय दुर्ग में दस्तावेजों को कुटरचित तरीके से निष्पादित कराया।

भूमि का विक्रय और धोखाधड़ी: सर्वेश्वर दयाल मिश्रा ने 2006 में उक्त भूमि को खरीदी थी, लेकिन आरोपियों द्वारा उसी भूमि को दूसरी बार कूटरचित दस्तावेजों के जरिए विक्रय किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति हुई। आरोपियों ने मिलकर धोखाधड़ी करने का षड्यंत्र रचा और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर भूमि का विक्रय कर दिया।

पुलिस कार्रवाई: सर्वेश्वर दयाल मिश्रा द्वारा 20 जुलाई 2023 को थाना प्रभारी सुपेला को शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, उन्होंने 31 अगस्त 2023 को पुलिस अधीक्षक दुर्ग से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की।

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