राज्य में गर्मी के साथ खाद्य निरीक्षण अभियान तेज, अवमानक उत्पादों पर कार्रवाई तेज

रायपुर। गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उपभोक्ताओं को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सघन निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है। बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग और कबीरधाम जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, होटल-रेस्टोरेंट, पेयजल कंपनियों और निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर बड़ी संख्या में खाद्य सामग्री और पैकेजिंग के नमूने संकलित किए हैं।
अवमानक और भ्रामक लेबल वाले उत्पादों पर कड़ी कार्रवाई
अभियान के दौरान कई स्थानों पर अवमानक व भ्रामक लेबल वाले खाद्य उत्पाद पाए गए, जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई है। खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लाइसेंस, पंजीयन, समय पर नवीनीकरण और स्वच्छता नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलावार कार्रवाई की गई
बालोद: बीबी फूड्स एंड बेवरेजेस सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर पेयजल और प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री के नमूने लिए गए।
बेमेतरा: मिठाई दुकानें, किराना स्टोर, दूध उत्पाद इकाइयां और बर्फ फैक्ट्रियों की जांच की गई।
राजनांदगांव: गर्मी में पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देते हुए सघन जांच अभियान चलाया गया।
दुर्ग: 18 विधिक खाद्य नमूने और 20 पैकेजिंग सामग्री के नमूने लिए गए।
कबीरधाम: कुल 8 नमूने लिए गए, जिनमें 8 अवमानक और 1 मिथ्याछाप पाए जाने पर प्रकरण एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने की अभियान की सराहना
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की सराहना करते हुए कहा, “जनस्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री प्राप्त हो।”
यह सघन निरीक्षण अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा, ताकि गर्मी के मौसम में खाद्यजनित बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।














