ब्रेकिंग
पुलिस स्मृति दिवस पर प्रथम वाहिनी छसबल, भिलाई में शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, पुलिस महानिरीक्... दुर्ग में स्टील प्लांट में दुर्घटना के बाद जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ एफआ... पुलिस स्मृति दिवस पर नवागढ़ थाना प्रभारी टीआई श्री मनीकांत पाण्डेय सहित पुलिस स्टाफ का सम्मान जवाहर नगर में धूमधाम से मना दशहरा उत्सव, महापौर की उपस्थिति में रावण,के पुतले का दहन, दुर्ग में आज होगा ऐतिहासिक महाकन्या भोज, शोभायात्रा के बाद कन्याओं को कराया जाएगा भोज मां चंडिका मंदिर में नवरात्रि पर उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, माता के दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु प्रेम प्रसंग के विवाद में युवती के मंगेतर पर जानलेवा हमला, मिर्च पाउडर डालकर धारदार हथियार से वार कर... गलत वेतन भुगतान की वसूली के नाम पर कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद हो, सेवानिवृत्ति से 2 वर्ष पूर्व अनिव... ऑनलाइन सट्टा एप 3Stumps के मास्टरमाइंड बाबू उर्फ गुलशन खेमानी की लगभग 1.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कु... दुर्ग में हत्या के फरार आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित, सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गोपनीय
छत्तीसगढ़

दुर्ग ट्रैफिक पुलिस की मिसाल: घायल पशु को निजी खर्च पर दिलाई समय पर चिकित्सा सहायता

भिलाई | भिलाई चरोदा बस स्टैंड के समीप एक नंदी गाय को एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। गाड़ी की ठोकर लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा, और उसके पैर से तेज़ी से खून बहने लगा। वह कुछ कह नहीं सकता था — लेकिन उसकी तड़प, उसकी पीड़ा, उसकी आँखों से बहते आँसू हर संवेदनशील मन को झकझोर देने वाले थे। आसपास के लोगों ने जब इस दृश्य को देखा, तो यातायात नियंत्रण कक्ष को सूचना दी।

सूचना मिलते ही यातायात पुलिस के जवान घटनास्थल पर पहुंचे — पर उन्होंने जो किया, वह एक आम ड्यूटी नहीं थी; वह इंसानियत की एक मिसाल थी। उन्होंने उस घायल नंदी को ऐसे सहारा दिया, जैसे कोई अपने परिजन को देता है। रक्तस्राव को रोकने के लिए तुरन्त प्रयास शुरू किए गए। युवा शक्ति टीम भिलाई चरोदा को मौके पर बुलाया गया और गाय को तत्काल प्राथमिक उपचार दिलाया गया। मगर यह सहायता यहीं नहीं रुकी।

जब यह महसूस हुआ कि केवल प्राथमिक उपचार पर्याप्त नहीं होगा, तो यातायात पुलिस ने बिना एक पल की देरी किए, नंदी को रायपुर स्थित पंडरी पशु चिकित्सालय भिजवाया — और सबसे विशेष बात यह रही कि उपचार का पूरा खर्च यातायात पुलिस कर्मियों ने अपने निजी वेतन से वहन किया, बिना किसी औपचारिकता या प्रचार के।

यह घटना एक मौन संदेश देती है — कि यातायात पुलिस केवल सड़क पर कानून लागू नहीं करती, बल्कि वह हर उस पीड़ा की आवाज़ सुनती है, जिसे समाज अक्सर अनदेखा कर देता है। जब एक मूक पशु दर्द से कराह रहा था, तब मानवता वर्दी में सामने खड़ी थी — निडर, निःस्वार्थ और नम्र।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button