ब्रेकिंग
अब कम होगा ईंधन खर्च! भारत में आया E85 फ्लेक्स फ्यूल, जेब पर पड़ेगा कम बोझ सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया का टिकट, वैभव सूर्यवंशी ने रचा नया कीर्तिमान केशकाल घाट फोरलेन बायपास निर्माण में ढिलाई पर नाराज हुए अरुण साव, समय पर काम पूरा करने के निर्देश महंगाई भत्ते की मांग को लेकर 10 जून को प्रदर्शन, कर्मचारियों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचने की अपील मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलीं महिला मोर्चा की नवनियुक्त पदाधिकारी, जताया आभार दुर्ग में 27 लाख की हार्वेस्टर धोखाधड़ी का खुलासा, अधिकृत डीलर गिरफ्तार दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्यवाही रू 15 टन से अधिक कोयला जब्त, तीन आरोपी गिरफ्तार स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत निगम का जागरूकता अभियान तेज वॉल पेंटिंग और जनसहभागिता से सुंदर बन ... जिला स्काउट्स एवं गाइड्स ने विश्व पर्यावरण दिवस मनाया हर दीवार दे रही स्वच्छता का संदेश, रंगों में बस रही शहर की नई पहचान,
छत्तीसगढ़

लेमन ग्रास की खुशबू से महकेगा समूह की महिलाओं का भविष्य

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही| प्राकृतिक सौंदर्य के साथ साथ अपने औषधियों गुणों के लिए विख्यात जीपीएम जिला एक नई खुशबू फैल रही है यह खुशबू है आत्मनिर्भरता की, समृद्धि की, और महिला सशक्तिकरण की। बिहान योजना के तहत जीपीएम जिले के ग्राम अमारू में महिला स्वसहायता समूहों द्वारा शुरू की गई लेमन ग्रास की खेती अब लखपति दीदी बनने की राह को प्रशस्त कर रही है।

 जनपद पंचायत पेण्ड्रा अंतर्गत गठित 10 महिला स्वसहायता समूहों ने लगभग 20 एकड़ भूमि पर लेमन ग्रास की खेती शुरू की है। इन समूहों में ज्योति महिला समूह, महामाया समूह, जय संतोषी माता समूह, हनी समूह प्रमुख हैं। यह सामूहिक प्रयास न केवल आर्थिक स्वतंत्रता की ओर एक बड़ा कदम है, बल्कि औषधीय पौधों के क्षेत्र में एक स्थायी ग्रामीण मॉडल भी बनता जा रहा है।

ज्योति समूह की सदस्य  गायत्री काशीपुरी ने बताया कि उनके समूह के 11 सदस्यों द्वारा पादप औषधि बोर्ड के सहयोग से यह खेती की जा रही है। लेमन ग्रास से तेल निकालकर इसे खुले बाजार और औषधीय संस्थानों में बेचा जाएगा, जो चाय, इत्र एवं औषधीय बनाने में उपयोग होता है। “हमने इस खेती को और विस्तार देने का संकल्प लिया है,” गायत्री ने कहा।

महामाया समूह की  सुशीला भानू, जय संतोषी माता समूह की  पाबरिया भानू, और हनी समूह की  पूजा ध्रुव ने सीईओ जिला पंचायत को बताया कि बिहान योजना के तहत उनके समूहों को 15 हजार रूपये की चक्रीय राशि, 60 हजार रूपये की सामुदायिक निवेश निधि (सीईएफ) और बैंक लिंकेज प्राप्त हुआ है। इससे महिलाएं सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय, टेंट हाउस, सब्जी बाड़ी, किराना, बकरी व मुर्गी पालन जैसी अनेक आजीविकाएं चला रही हैं।

सीईओ जिला पंचायत  सुरेन्द्र प्रसाद बैद्य ने निरीक्षण के दौरान एनआरएलएम के जिला मिशन प्रबंधक  दुर्गाशंकर सोनी को निर्देशित किया कि उद्यानिकी विभाग और मनरेगा के सहयोग से गांव की खाली पड़ी जमीनों को चिन्हित कर लेमन ग्रास खेती को और अधिक बढ़ावा दिया जाए।

साथ ही उद्यानिकी अधिकारी  मदन झां, सरपंच  कमलीबाई, और सचिव को भी आवश्यक समन्वय हेतु निर्देशित किया गया। यह पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, इस मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों में भी लागू करने के लिए निर्देशित किए इस दौरान एनआरएलएम समूह पीआरपी और ग्रामीण जन उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button