ब्रेकिंग
अफीम की अवैध खेती पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कड़ा रुख प्रशिक्षु न्यायाधीश लोकतंत्र के तीसरे स्तंभ के रूप में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री... बिजली उपभोक्ताओं की पीड़ा को दूर करेगी समाधान योजना : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पटरीपार सिकोला भाटा सब्जी मार्केट में निगम की बड़ी कार्रवाई, नाली के ऊपर बने 35 से अधिक अवैध निर्माण... छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस एवं डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक, आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी क... कबीरधाम में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू होगी बड़ी मुहिम नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम / उप निर्वाचन 2026 हेतु निर्वाचक नामावली कार्यक्रम जारी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCR) की पहली बैठक आयोजित प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्त कार्रवाई, कई दुकानों से डिस्पोजल गिलास व झिल्ली पन्नी जब्... राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का किया शिलान्यास
छत्तीसगढ़

जेल या युद्ध का मैदान? लगातार हमलों से जेल प्रबंधन कटघरे में

रायपुर |  छत्तीसगढ़ की सियासत और आर्थिक अपराध से जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम रायपुर की सेंट्रल जेल से सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी माने जाने वाले के.के. श्रीवास्तव की फरारी में मदद करने वाले कांग्रेस नेता आशीष शिंदे पर गुरुवार को जेल के भीतर ही जानलेवा हमला हुआ है।

सूत्रों के मुताबिक, आशीष शिंदे पर हमला विचाराधीन कैदियों रोहित तांडी और चंदन सोनी ने किया, जो पहले से हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों में जेल में बंद हैं। दोनों कैदियों ने शिंदे पर कटर से वार किया, जिससे उसके गाल और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। हमले के बाद घायल अवस्था में उसे मेकाहारा (अंबेडकर अस्पताल) में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

सूत्रों की मानें तो इस हमले के पीछे किसी कांग्रेसी नेता का हाथ बताया जा रहा है, जो खुद पूर्व में धोखाधड़ी के मामले में जेल की सजा काट चुका है। यह आशंका जताई जा रही है कि जेल के भीतर की राजनीति और पुराने लेनदेन को लेकर यह हमला करवाया गया।

गौरतलब है कि के.के. श्रीवास्तव पर स्मार्ट सिटी सहित कई सरकारी परियोजनाओं में फर्जीवाड़े के ज़रिए 400 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी का आरोप है। आरोप है कि उसने फर्जी टेंडर और प्रोजेक्ट के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठे और फरार हो गया। बाद में पुलिस जांच में आशीष शिंदे की भूमिका उजागर हुई, जिसने श्रीवास्तव को फरार होने में मदद की। इतना ही नहीं, शिंदे के बैंक खातों में कई करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन की पुष्टि भी हुई है।

जेल प्रशासन में हड़कंप

जेल में हुए इस हमले के बाद जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कैदियों के पास कटर जैसे धारदार हथियार कैसे पहुंचे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button