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छत्तीसगढ़ में ISIS नेटवर्क का भंडाफोड़, बच्चों को ब्रेनवॉश कर आतंकी गतिविधियों की ओर धकेलने का खुलासा

रायपुर | छत्तीसगढ़ में ISIS से जुड़े पाकिस्तानी मॉड्यूल की खतरनाक साजिश का बड़ा खुलासा हुआ है। एटीएस ने दुर्ग के सुपेला थाना क्षेत्र से चार और नाबालिगों को हिरासत में लिया है। इससे पहले रायपुर और भिलाई से भी दो किशोर पकड़े जा चुके थे।

जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल इंटरनेट मीडिया के जरिए बच्चों को ब्रेनवॉश कर आतंकी गतिविधियों की ओर धकेल रहा था। किशोरों को AI-जनरेटेड फेक वीडियो, कट्टरपंथी सामग्री और झूठे धार्मिक किस्सों के जरिए गुमराह किया जा रहा था।

पकड़े गए दो मुस्लिम किशोरों ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। मॉड्यूल संचालकों ने उन्हें यह यकीन दिलाया कि उनका जन्म “मजहब की रक्षा” के लिए हुआ है। धीरे-धीरे उनके मन में अन्य समुदायों के प्रति नफरत और हिंसा भरी गई।

एटीएस को उनके लैपटॉप से कई वीडियो मिले, जिनमें गैर-इस्लामिक देशों में मुस्लिमों पर अत्याचार का फर्जी चित्रण किया गया था। ISIS की हत्याओं को “जायज़ बदला” बताकर उन्हें उसी राह पर चलने के लिए उकसाया जा रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि इन किशोरों ने पिछले 4–5 वर्षों में 100 से अधिक लोगों को अपने नेटवर्क में जोड़ा। वे इंस्टाग्राम और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर फेक आईडी के जरिए हिंसक और कट्टरपंथी कंटेंट साझा कर रहे थे। परिवारों ने बताया कि बच्चों का व्यवहार अत्यधिक उग्र हो गया था और वे समाज के लोगों को अपना दुश्मन मानने लगे थे।

एटीएस अधिकारियों ने कहा कि यह देश का बेहद दुर्लभ और गंभीर मामला है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में किशोरों को आतंकी सोच की ओर मोड़ने की कोशिश की गई। फोरेंसिक टीम बच्चों द्वारा डिलीट किए गए डेटा की रिकवरी में जुटी हुई है।

यह मामला सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चेतावनी है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों की सुरक्षा और निगरानी अत्यंत जरूरी है।

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