
दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना पुरानी भिलाई पुलिस ने मामले में संलिप्त गिरोह के छठे आरोपी घनश्याम गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी सांई एसोसिएट्स में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था और उस पर चोरी किए गए लोहे को फ्लू डस्ट परिवहन करने वाले वाहनों में लोड कराने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले ही पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया है कि मुख्य फरार आरोपी संजय सिंह के निर्देश पर घनश्याम गुप्ता, रवींद्र साहू और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर मैग्नेटिक क्रेन की मदद से बीएसपी का लोहा चोरी कर फ्लू डस्ट वाहनों में लोड कराता था।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पिछले चार से पांच महीनों से संगठित रूप से भिलाई स्टील प्लांट से लौह स्क्रैप चोरी कर रहे थे। चोरी किए गए लोहे को फ्लू डस्ट के साथ मिलाकर अन्य स्थानों पर भेजा जाता था।
मामले का खुलासा 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर हुआ, जब पुलिस ने ग्राम अकलोरडीह स्थित ए.के. ट्रेडर्स और स्क्रैप डीलर परिसर में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई वाहनों में फ्लू डस्ट के साथ छिपाकर रखा गया लोहे का प्लेट कटिंग और बीम बरामद किया गया। मौके से जेसीबी, हाईड्रा, चेन माउंटिंग मशीन, ट्रक, हाईवा और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए, जिनका इस्तेमाल चोरी के स्क्रैप की लोडिंग और परिवहन में किया जाता था।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान करीब 250 टन लौह स्क्रैप जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये बताई गई है। वहीं जब्त वाहनों और मशीनों सहित कुल जब्ती का मूल्य लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंका गया है।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी घनश्याम गुप्ता ने चोरी की साजिश और स्क्रैप की लोडिंग में अपनी भूमिका स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक मामले के अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
इस संबंध में थाना पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।











