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छत्तीसगढ़दुर्ग

4.5 वर्षीय बालिका से लैंगिक अपराध के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास, POCSO कोर्ट ने सुनाई कई सजाएं

दुर्ग। उतई थाना क्षेत्र में 4.5 वर्षीय बालिका से संबंधित गंभीर लैंगिक अपराध के मामले में विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग ने आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता (40 वर्ष) को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास सहित विभिन्न सजाओं से दंडित किया है। न्यायालय ने अलग-अलग धाराओं में 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई है। इसके साथ ही कुल 13 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश दिया गया है।

समयबद्ध तरीके से पूरी हुई विवेचना

मामला 10 अप्रैल 2026 को थाना उतई क्षेत्र में सामने आया था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की। प्रकरण में आरोपी धनेंश्वर साहू उर्फ जनता को 11 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य जुटाते हुए विवेचना पूरी की और 25 अप्रैल 2026 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

इन धाराओं के तहत चला अभियोजन

न्यायिक अभिलेख के अनुसार आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 87, 109, 238 एवं 65(2), पॉक्सो अधिनियम 2012 की धारा 5(ड) सहपठित धारा 6 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(2)(v) के तहत अभियोजन किया गया।

विशेष न्यायालय (पॉक्सो), दुर्ग ने 25 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषसिद्ध किया। इसके बाद 26 सितंबर 2026 को सजा संबंधी आदेश पारित किया गया।

कई धाराओं में अलग-अलग सजा

न्यायालय ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास, 7 वर्ष, 10 वर्ष और 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में कुल 13 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा निर्धारित की गई है।

पुलिस टीम की रही महत्वपूर्ण भूमिका

मामले की विवेचना में भारती मरकाम, नगर पुलिस अधीक्षक नेवई, निरीक्षक महेश ध्रुव, उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा समेत थाना उतई के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रकरण की न्यायालय में पैरवी विशेष लोक अभियोजक रूपवती तेलीदार ने की।

पुलिस के अनुसार मामले में समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की गई और आवश्यक साक्ष्य संकलित कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध, शोषण या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।

पुलिस ने यह भी अपील की है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान और निजता की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए तथा प्रकरण से जुड़ी संवेदनशील जानकारी अनावश्यक रूप से सार्वजनिक न की जाए।

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